Kaala bhoot pret ki kahaniya hindi | भयानक भूत की तीन हिंदी कहानी

kaala bhoot pret ki kahaniya hindi | Bhoot ki kahani

kala bhoot pret ki kahaniya hindi, भयानक भूत की तीन हिंदी कहानी, एक गांव मैं एक हरीश नाम का सुनार रहा करता था, उसके परिवार मैं केवल सुनार उसके बूढ़े माता पिता ही थे. bhoot ki kahani परिवार मैं और कोई भी सदस्य नहीं था. क्योकि हरीश की अभी तक भी शादी नहीं हुई थी.

भयानक भूत की तीन हिंदी कहानी : kaala bhoot pret ki kahaniya hindi

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kaala bhoot pret ki kahaniya hindi

Kala bhoot pret ki kahaniya hindi, सुनार बहुत ही महंती था और उसने कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहा था. but उसकी ज़िंदगी मैं कभी कोई ऐसा भी एक मोड़ आएगा, bhoot ki kahani, ये कभी भी हरीश ने नहीं सोचा था. हरीश के गांव मैं एक बूढ़े आदमी की अचानक से बीमारी के कारण मोत होगी थी. किसी को भी इस बात का कोई भी इल्म नहीं था की वो बूढ़ा बाबा इतनी जल्दी ही मर जायेगा. but होता वही है जो कोई कभी भी सोचता नहीं है.

 

दिसंबर का महीना था और सर्द रात मैं ठंडी ठंडी हवा चल रही थी. हरीश के पिता की आधी रात को अचानक से तबियत बहुत ही ज्यादा ख़राब हो चली थी. जिस कारण से उसे रात मैं उसी वक़्त डॉक्टर के पास जाना पड़ा था. डॉक्टर गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर रहता था और उसके पास जाने का कोई ख़ास साधन भी नहीं था , तो वो अपनी साइकिल से डॉक्टर को बुलाने के लिए चल दिए था. रस्ते की सर्द हवा उसके शरीर को चीरते हुए जा रही थी. but वो इतनी ठण्ड की परवाह किये बिना ही अपने पिता के लिए डॉक्टर को लेने जा रहा था. जैसे ही वो एक पीपल के पेड़ से गुजरा तो उसे ऐसा परतीत हुआ मानो कोई अचानक से उसकी साइकिल पर बेठ गया हो. “Kala bhoot pret ki kahaniya hindi”

 

उसने तुरंत ही अपनी साइकिल रोकी तो देखा की कोई भी नहीं है. वो फिर चल दिया आगे की और , but अब साइकिल कुछ धीमी चल रही थी. उसे वजन लग रहा था but किसका पीछे तो कोई भी नहीं था. उसे कुछ भी समझ मैं नहीं आ रहा था. की अचानक से कुछ दूर चलते ही साइकिल का पिछला टायर फट गया और हरीश की साइकिल वही पर रुक गयी आधे रस्ते पर. अब वो ये सोचने लग गया की क्या किया जाये. ये आगे जा नहीं सकती और पैदल मैं डॉक्टर को ला नहीं सकता. इसी बात मैं उसे आधा घंटा हो चूका था उस पीपल के पेड़ के पास खड़े हुए.

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उसने अब साइकिल को ऐसे ही घसीटते हुए आगे की और बढ़ने की सोची और चल दिया. but अब भी वही वजन उसे लग रहा था साइकिल पर जो की टायर फटने से पहले भी था. उसने साइकिल को एक दम से सड़क पर गैर दिया और तभी एक आवाज आयी. तुमने मुझे गेरा है अब मैं तुम्हे जिन्दा नहीं छोड़ूगा. हरीश डर गया भला ये कौन बोल रहा है. वो भयानक भूत एक दम से हरीश के सामने प्रतीत हो गया और हरीश डर के मारे सड़क पर ही गिर गया. हरीश ने कहा तुम कौन हो . वो बोला मैं वही बाबा का भूत (bhoot ki kahani) हु जो पिछले महीने ही मरा था. “तुम मुझसे क्या चाहते हो” हरीश ने पूछा.

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भूत बोला मैं तुम्हारे पिताजी को बहुत चाहता था और उसे भी अपने साथ ले जाने के लिए आया हु. और तुम उसे ठीक करने के लिए डॉक्टर के पास जा रहे हो. मैं ऐसा कभी भी होने नहीं दुगा. तुम कभी भी डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाओगे. मैंने उसकी बात को नजर अंदाज करते हुए डॉक्टर के पास जाने लगा. की तभी वो अचानक से गायब हो गया. जब मैं डॉक्टर को लेकर वापिस अपने गांव आया और उसके बाद डॉक्टर ने दवाई दी और पिताजी ठीक हो गए थे, मेने हार नहीं मानी थी और उस भूत पर कोई ध्यान नहीं दिया. “Kala bhoot pret ki kahaniya hindi”

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जीवन में कुछ ऐसी बाते भी होती है जिनसे दूर होकर हमे काम करना होता है वह हमे रोकती है but हमे ध्यान नहीं देना चाहिए अगर वह आपके जीवन में बदलाव करके आपको कमजोर कर रही है तो हमे उनके बारे में नहीं सोचना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए भयानक भूत, kala bhoot pret ki kahaniya hindi, अगर आपको यह कहानी (bhoot ki kahani) पसंद आयी है तो आप इस कहानी को शेयर कर सकते है और कमेंट करके हमे भी बता सकते है 

महल का भूत हिंदी कहानी, Bhoot ki kahani

Bhoot ki kahani, Kala bhoot pret ki kahaniya hindi, मुझे पता है उस महल में आज भी भूत रहते है, मुझे भूतो से बहुत डर लगता है, वह अपनी बात दोस्त से कहता है, उसका दोस्त कहता है की मुझे नहीं लगता है की उस महल में कोई भूत है, Because वह महल अब खण्डार हो गया है, उस जगह के पास कोई भी नहीं जाता है but उसका दोस्त कहता है की तुम्हे नहीं पता है उस जगह पर कोई रोता है मेने आवाज सुनी थी मगर किसी को देखा नहीं था, इसलिए मुझे लगता है, उस जगह पर कोई तो है, 

ब्लडी मैरी शीशे के अंदर

उसकी बात सुनने के बाद उसका दोस्त कहता है जब में उस जगह पर गया था मुझे तो कोई भूत नज़र नहीं आया था जो तुम कह रहे हो ऐसा भी कुछ नहीं था, तुम्हारी बात सुनने के बाद मुझे लगता है की हमे उस जगह पर चलना चाहिए, but उसका दोस्त मना कर देता है उसे तो उस जगह से डर लग रहा था वह तो नहीं जाता है but उसका दोस्त उस रात उस महल में जाना चाहता है उसने पाने दोस्त को कहा था मगर वह तो नहीं गया था वह उस महल में रात के समय में चला गया था जिसमे भूत रहता है

एक भूत की फोटो जब देखी

जोकि रात से समय में रोता है वह कौन है जो रोता है जिसकी आवाज से मेरा दोस्त डर गया था मुझे पता लगाना चाहिए वह महल बहुत समय से खण्डार था कोई भी उस महल में नहीं जाता था Because उस महल में कुछ भी देखने को नहीं था वह अकेला ही जा रहा था वह उस जगह पर देखता है उसे एक आवाज आती है वह रोने की आवाज है, but यह कैसे हो सकता है क्योकि वह कुछ दिन पहले तो यहां पर आया था अब उसे याद आया की वह दिन के समय में अपने दोस्तों के साथ आया था

भूतो का डर

यह समय रात का है, वह थोड़ी देर रुक जाता है Because आगे बढ़ने में खतरा भी हो सकता है यह आवाज एक टूटे हुए कमरे से आती है उस कमरे में कोई है जिसकी आवाज आ रही है, उसके मन में बहुत सवाल उठ रहे थे यह कौन है यहां पर क्यों है, क्या यह कोई भूत है, इनके जवाब मिलने मुश्किल थे but अब वह आ गया है, तो उसे देखना चाहिए वह देखता है उस कमरे में कौन है, जिसकी आवाज से बहुत डर लग रहा है

भूत की कुर्सी

वह उस कमरे में जाता है वह आवाज लगाता है कोई है, जो इस कमरे है, वह रौशनी करता है मगर कोई नहीं था यह कैसे हो सकता है Because अभी अभी तो इस कमरे में आवाज आती है अभी कोई नहीं है वह कुछ देर रुक जाता है वह आवाज अब नहीं आती है वह अपने पीछे किसी के होने का अहसास करता है उसे लगता है की कोई उसके पीछे खड़ा है जैसे वह मुड़ जाता है उसे कोई नज़र आता है शायद वह बहुत डरवाना लगता है वह गिर जाता है बेहोश हो जाता है

भूत के पीछे भूत

उसकी आँखे खुलती है वह अपने दोस्त को देखता है वह अपने दोस्त के घर में था वह कहता है की में यहां पर कैसे आया था उसका दोस्त कहता है मुझे अधिक पता नहीं है but में यह बात जानता हु की रात के समय में तुम मेरे घर के दरवाजे पर दस्तक दी थी उसके बाद जब दरवाजा खोला तो तुम बेहोश थे मुझे नहीं पता है की यह कैसे हुआ होगा, अब सुबह हो गयी है, वह बताता है की कल रात में उस महल में गया था वही से सब कुछ शुरू हुआ था अब इस बात पर यकीन करना मुश्किल था

राजस्थान का किला

Bhoot ki kahani, Kala bhoot pret ki kahaniya hindi, Because वह बेहोश होने पर यहां कैसे आ सकता है मगर कुछ तो हुआ था जिसके बाद वह अपने दोस्त के घर पहुंचा था उसे याद नहीं था but यह सच था वह फिर उस जगह पर नहीं गया था but वह जानता था की उसकी टोर्च वही पर है जिसको वह लेकर गया था, Because वह उसके पास नहीं थी,

 

पानी के अंदर भूत की कहानी : bhoot pret ki kahaniya hindi

Kala bhoot pret ki kahaniya hindi, Bhoot ki kahani, तुम्हें इस बात का पता है कि मुझे पानी से बहुत डर लगता है but तुम मुझे पानी के पास ले आए यह बात सही नहीं है उसका दोस्त कहता है कि ऐसी बात नहीं है मैं पानी के पास इसलिए लाया हूं Because मुझे पानी के अंदर कुछ नजर आ रहा है जिसकी वजह से मुझे ऐसा लगता है कि कोई अंदर है जो हमें बुला रहा है यह सुनकर उसका दोस्त कहता है कि ऐसा नहीं हो सकता पानी के अंदर कौन हो सकता है, “Kala bhoot pret ki kahaniya hindi”

मेरी सच्ची कहानी

यह बात मुझे कुछ समझ में नहीं आई दोस्त फिर से कहता है कि देखो मुझे कोई अंदर नजर आ रहा है तभी उसका दोस्त देखता है तो उसे भी कोई नजर आता है यह कौन हो सकता है जो पानी के अंदर है और बाहर नहीं निकल रहा है हमें उसकी मदद करनी चाहिए जिससे कि वह पानी से बाहर आ जाए but उसका दोस्त कहता है कि हमें यह भी तो नहीं पता कि वह कौन है जो पानी के अंदर है एक दोस्त पानी के अंदर जाने की कोशिश करते हैं तो वह कहता है कि यह तो कोई अजीब सी चीज नजर आ रही है, Kala bhoot pret ki kahaniya hindi

भूत-प्रेत की कहानी

जो कि बाहर नहीं निकलना चाहती तभी उसका दोस्त पानी के अंदर चला जाता है और वह दूसरे दोस्त से सहायता मांगने की कोशिश करता है Because उसे कोई अंदर खींच रहा था ऐसा कैसे हो सकता है कि पानी के अंदर कोई उसे ले जा रहा है दोस्त पहले से ही पानी से डरता था but वह देखता है कि उसका दोस्त डूब रहा है इसलिए वह उसे बचाने की कोशिश करता है तभी उसे कोई नजर आता है वह पानी के अंदर कोई भूत, सभी को पकड़ सकता है कुछ समय बाद उसका दोस्त बाहर आ जाता है वह कहता है कि हम यहां से चले जाना चाहिए

क्या सच मैं भूत होते है

यह तो कोई भूत है जो हम पर हमला कर सकता है यह पानी के अंदर है पानी से बाहर नहीं आ रहा है इसलिए हमें यहां से चले जाना चाहिए पानी से बाहर आ जाए उस दिन की बात से ऐसा लगता था कि शायद bhoot कहीं भी हो सकता है पानी के अंदर भी हो सकता है पानी के बाहर भी हो सकता है इसलिए इस बात पर यकीन करना बहुत मुश्किल होता है कि वह तुम्हें कहां पर नजर आएगा but कभी भी नजर आ सकता है बाद में कभी भी उस तालाब के पास नहीं गए, bhoot pret ki kahaniya hindi, अगर आपको यह कहानी (bhoot ki kahani) पसंद आयी है तो आप इस कहानी को शेयर कर सकते है और कमेंट करके हमे भी बता सकते है 

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