शेखचिल्ली की तबीयत, hasya kahaniya in hindi

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शेखचिल्ली की तबीयत

hasya kahaniya in hindi, kisse kahaniya, शेखचिल्ली एक दिन बहुत ज्यादा बीमार पड़ गया और बीमारी के कारण बहुत ज्यादा चल फिर भी नहीं रहा था सोच रहा था कि मुझे चलने फिरने में भी बहुत दिक्कत होती है इसलिए शेखचिल्ली ने अपना इलाज करवाने के लिए किसी वैद् को बाहर से बुलवाया गया

 




क्योंकि जो वैद् गांव में था वह वहां पर था नहीं वह किसी कारणवश बाहर गया हुआ था इसलिए दूसरे गांव से एक वैद् बुलाया गया जो शेखचिल्ली की तबीयत देखने के लिए आया जब वैद् आए तो शेखचिल्ली को पूरी तरह से जांच हो जाने के बाद बहुत देर सोचने पर वैद् ने कहा कि

 




तुम्हें तो कोई एक महान बीमारी हो गई है शेखचिल्ली यही सोचने लगा कि यह कैसी बीमारी है मैंने तो कभी ऐसी बीमारी का नाम नहीं सुना दो वैद् जी ने कहा है कि आप महान व्यक्ति हैं तो इसलिए आपको महान बीमारी हो गई है और इस बीमारी का इलाज महानता से ही करना होगा

 

शेखचिल्ली ने कहा कि यह महानता क्या चीज होती है वैद् ने कहा कि महानता एक ऐसी दवाई है जिसको पीने से तुम्हारी तबीयत ठीक हो जाएगी फिर शेखचिल्ली ने कहा कि यह दवा जल्दी दो मुझे जिससे कि मैं जल्दी ठीक हो जाऊं

 

 तो वैद् जी ने कहा कि यह दवाई तो बनानी पड़ेगी क्योंकि यह मेरे पास अभी नहीं है शेखचिल्ली की तबीयत कुछ खराब नहीं क्योंकि शेखचिल्ली बिल्कुल भी कोई काम नहीं करता था यानी कि उसे कोई बीमारी नहीं थी सिर्फ उसके अंदर आलस भरा हुआ था इसलिए वैद् जी ने एक ऐसी बीमारी का नाम बताया जो कि शेखचिल्ली को समझ में नहीं आ रही थी

 

वैद् जी ने कहा कि अगले दिन तुम मुझे खेत में मिलना मैं तुम्हें तुम्हारी बीमारी का इलाज बता दूंगा शेखचिल्ली अगले दिन खेत में चला गया और वहां पर वैद् जी खड़े हुए थे वैद् जी ने कहा कि आप शेखचिल्ली महाराज जी अब आप को खेत को जोतना है

 

जैसे तुम खेत को जोतना शुरु करोगे बीमारी ठीक हो जाएगी क्योंकि यही एक ऐसा इलाज है जिससे तुम ठीक हो सकते हो और यही दवाई है शेखचिल्ली समझ गया कि यह मुझे काम करने के लिए यहां आया है कोई दवाई नहीं होती है

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hasya kahaniya in hindi, kisse kahaniya, इसलिए खेत जोतने की के बजाए शेखचिल्ली ने सोचने लगा की ये मुझे मुर्ख समझ रहा है इसे समझाना ही पड़ेगा, शेखचिल्ली ने कहा वैध जी अगर खेत नहीं जोता तो मैं  एक ऐसी बीमारी का इलाज कर दूंगा जब तुम कभी सोची भी नहीं होगी और वैध जी वहां से भाग गया और शेखचिल्ली ने कहा कि अगर आप दोबारा यहां पर दिखाई दिए तो तुम्हें भी ऐसा कर दूंगा  जिसका इलाज तुम्हें कभी भी कही नहीं मिलेगा.

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