अकल का इस्तमाल, kahani in hindi

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अकल का इस्तमाल

kahani in hindi, एक दिन राम नाम का लड़का जंगल से गुजर रहा था वह अपने गांव में बहुत सालों बाद वापस आ रहा था उसे जंगल के बारे में ज्यादा ज्ञान नहीं था वह सोच रहा था कि मैं जंगल को पार तो कर रहा हूं कहीं ऐसा ना हो कि कोई जंगली जानवर आ जाए और मुझे उसका सामना करना पड़े.




मुझे यहां पर आए हुए भी बहुत साल हो गए हैं पता नहीं कौन सा जानवर इस जंगल में रहता होगा राम को ऐसी बातें उसके दिमाग में चल रही थी और जैसे ही वह जंगल से गुजर रहा था गुजरते हुए शाम हो गई थी राम जंगल रास्ते से जा रहा था




उसी रास्ते पर दो भेड़िए खड़े थे भेड़िए ने सोचा कि आज शिकार अच्छा है हम इसे मार कर खा जाएंगे राम ने देखा कि दो भेड़िए खड़े के सामने खड़े हैं और वह सोचने लगा कि इन से कैसे पीछा छुड़ा हूं वरना यह तो मुझे यहां खा जाएंगे

 

 राम ने दो भेड़िए से पूछा कि तुम यहां पर क्या कर रहे हो भेड़िए ने कहा कि हम तो शिकार करने आए हैं और आज तुम्हारा ही शिकार करेंगे राम ने सोचा कि बचना जरा मुश्किल है इस तरह राम बहुत तेजी से वहां से भागा जब राम भाग रहा था तो एक पेड़ आया और उसी पर राम चढ़कर ऊपर बैठ गया

 

भेड़िए नीचे ही खड़े रहे और उसका इंतजार करने लगे जब यह नीचे आएगा हमे खा जाएंगे राम को थोड़ी सी दूरी पर पेड़ से एक ऐसी दलदल दिखाई दे रही थी जहां पर बहुत सारा पानी था लेकिन वह दलदल राम ने उसमें लकड़ी डाली तो लकड़ी उसी के ऊपर ठहर गई यानी कि वह एक दल दल थी

 

अब राम ने सोचा दलदल में इन भेड़िए को मैं गिरा सकता हूं और अपने आप को बचा सकता हूं ऐसा सोचकर राम पेड़ से उत्तरा और तेजी से भागा राम को भागते देख लिए भी उसी के पीछे भागे जैसे ही वह है दल-दल के पास आए

 

kahani in hindi, राम उसके ऊपर से कूद गया और भेड़िए कूद नहीं पाया वह सीधे दलदल में गिर गए और वहीं पर मर गए और इस तरह भेड़िए से राम ने अपनी जान बचाई और वह सुरक्षित अपने गांव पहुंच गया दोस्तों अगर हम अपनी अकल का सही इस्तेमाल करें तो हर मुसीबत से आसानी से निकल सकते हैं

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