जीवन का लचीलापन, story of in hindi

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जीवन का लचीलापन

story of in hindi, good hindi story, एक आश्रम में काफी शिष्य रहते थे एक दिन गुरु जी ने अपने शिष्यों को बुलाया और कहा कि मैं तुमसे एक प्रश्न करना चाहता हूं सबसे उत्तम जवाब कौन दे पाएगा सभी शिष्य दूसरे की तरफ देखने लगे और कहा कि गुरु जी आप प्रश्न कीजिए हो सके तो हम जवाब दे पाएंगे




गुरूजी ने प्रश्न किया कि जब हम इस दुनिया को छोड़ते हैं तो हमारे साथ सबसे उत्तम चीज क्या जाती है सभी शिष्य गुरु जी की बात सुनकर सोच में पड़ गए की ऐसी कौन सी चीज है जो हमारे साथ जाती है जबकि इंसान जब दुनिया छोड़ता है




तो वह कुछ भी नहीं ले जाता गुरु जी ने अपने शिष्यों को फिर से वही प्रश्न सुनाया और कहा कि जवाब बताओ पर किसी भी शिष्य के पास कोई जवाब नहीं था तभी गुरु जी ने जवाब दिया कि हमारी वाणी यानी के हमारे बोलने वाले शब्द ही पीछे रह जाते हैं और यही हमारे साथ जाते हैं

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जिनकी वजह से लोग हमें याद करते हैं जब हम अपने जीवन में अच्छा बोलते हैं और मीठा बोलते हैं तो लोग हमें याद रखते हैं अगर हम दूसरों के लिए कड़वे वचन उन्हें सुनाएंगे तो वह हमें कभी भी याद नहीं रख पाएंगे इसलिए जब भी इंसान जाता है तो

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वह अपने वचनों के बोले हुए शब्दों से ही उस इंसान को याद है रख पाता और सभी शिष्यों से कहा कि तुम्हें भी आगे आने वाले जीवन में मधुर वाणी का ही प्रयोग करना चाहिए जब हमारी वाणी मधुर हो गई तो हमें लोग भी याद रखेंगे और तुम्हें जीवन भर तक याद रखते रहेंगे

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story of in hindi, good hindi story, हमारे साथ कैसा भी व्यवहार क्यों ना हो जाए लेकिन हमें अपनी वाणी मधुर ही रखनी चाहिए क्योंकि मधुर वाणी से ही लोगों की पहचान होती है

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