परिवार की एक अच्छी हिंदी कहानी, story in hindi

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story in hindi, kahani in hindi, यह चारों हिंदी कहानी आपको पसंद आएगी, इसमें पहली परिवार की कहानी, दूसरी कहानी समझदारी का बखान न करे, तीसरी कहानी इंसान का व्यवहार और बुढ़िया की मदद की हिंदी कहानी है, एक परिवार में दो लड़के रहते थे, दोनों की शादी हो गयी थी, दोनों लड़के अपने पिता के साथ ही काम करते थे, उनकी एक बहुत बड़ी दूकान थी, जिसमे दोनों लड़के और उनके पिता काम करते थे, पूरे परिवार में सभी लोग मिलकर रहते थे, कभी कोई लड़ाई नहीं होती थी,

परिवार की एक अच्छी हिंदी कहानी : story in hindi

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Story in hindi, Kahani in hindi, एक दिन की बात है, जब सभी लोग अपनी दूकान पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे, उनकी पत्निया खाना बना रही थी, जैसा की हर रोज वह बनाती है, जब खाना बन गया तो उनके टिफिन भी लगा दिए गए और उसके बाद वह अपनी दूकान पर चले गए, जब दोपहर हुई तो खाना खाने का वक़्त हुआ, जब तीनो ने खाना खाया तो आज उनके खाने में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा थी, आज उनसे खाना खाया नहीं जा रहा था, Because आज नमक ज्यादा था, जब उन्होंने खाना खाया तो उनके पिता ने कहा की इस बारे में घर जाकर कोई भी बात नहीं करेगा, अगर तुम उन्हें इस बारे में कहते हो तो हो सकता है की घर में लड़ाई हो जाए,

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उन्हें भी अपनी गलती का एहसास अपने आप हो जाएगा, अगर तुम घर जाकर कुछ बोलते हो तो हो सकता है की उन्हें बुरा लग जाए, और छोटी सी बात बड़ी बन जाए, अपने पिता की बात उन लड़को ने मान ली, उधर जब सबने खाना खाया तो उन्हें भी नमक बहुत जयादा लगा, वह दोनों यही सोच रही थी, की आज उन्हें बहुत सुनाया जाएगा, जब सभी लोग घर आये तो किसी ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा, और खाना खा कर सभी लोग सोने चले गए थे, दोनों पत्नी ने अपने पति से पूछा की खाना केसा था. पति ने जवाब दिया की ठीक था,

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Story in hindi, Kahani in hindi, stories, दोस्तों हम जीवन में छोटी बातो को बहुत बड़ा कर देते है, यह आगे चलकर हमे बहुत परेशान करती है, इसलिए जितना हो सके गलतियों को इतनी जगह न दे जिससे वह आपस में ही दिवार बन जाए, हम सभी जानते है की बात को जितना बढ़ाया जाए वह बढ़ती है, इसलिए इसे कम करना ही सीखे, और अपने दिमाग से ही सही फैसले ले,

 

समझदारी का बखान न करे हिंदी कहानी :- Kahani in hindi

Story in hindi, Kahani in hindi, एक सेठ ने किसान को कर्जा दिया था but किसान के पास अभी कुछ भी नहीं था वह उस सेठ का कर्जा नहीं दे सकता था सेठ का कहना था उसे अपना कर्जा समय से चाहिए अगर तुमने समय से मेरा कर्जा नहीं दिया तो तुम्हे अपना घर और खेत मुझे देना होगा यह सुनकर वह किसान बहुत परेशान हो जाता है क्योकि वह समस्या में आ गया था उसी गांव में एक आदमी रहता था जब भी लोग परेशान होते थे वह उनकी मदद करता था

 

वह किसान उसके पास जाता है वह उससे कहता है मेरी समस्या को दूर करने के लिए मुझे कोई उपाय बताये वह आदमी कहता है तुम्हारी समस्या क्या है वह किसान कहता है की सेठ मुझसे अपना कर्जा मांग रहा है मगर मेरे पास अभी कोई भी धन नहीं है में उसे कुछ नहीं दे सकता हु वह आदमी कहता है यह तो बड़ी समस्या है, मुझे कुछ सोचना होगा उसके बाद वह आदमी किसान से कहता है की वह सेठ कुछ समय नहीं दे सकता है वह किसान कहता है वह सेठ मुझे समय दे सकता है मगर वह मुझे समय तभी देगा अगर में उसकी शर्त पूरी कर सकता हु

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यह सुनकर वह आदमी कहता है की वह कौन सी शर्त है उस सेठ ने कहा की मुझसे अधिक समझदार अगर कोई और भी है तो में तुम्हे समय दे सकता हु मगर मुझे आपके सिवाए कोई और नज़र नहीं आता है वह आदमी कहता है की ठीक है तुमज जाकर सेठ से कह सकते हो, मेरे पास वह आदमी है जो बहुत समझदार है उसके बाद वह किसान उस सेठ के पास उस आदमी को लेकर जाता है सेठ से किसान कहता है में उस आदमी को लेकर आया हु जिसकी तलाश आपको है,

 

वह सेठ कहता है की यह कौन है में इसे नहीं जानता हु वह किसान कहता है की यह बहुत समझदार है यह सब कुछ जानता है यह सुनकर वह सेठ कहता है में कुछ सवाल करता हु अगर तुम उसका जवाब देते हो तो में किसान के कर्ज का समय बढ़ा सकता हु वह सेठ कहता है की आसमान में कितने तारे है, दुसरा सवाल है समुन्द्र में कितने जीव है, हवा को किसने देखा है मगर सेठ को कोई भी जवाब नहीं मिल रहा था सेठ किसान से कहता है यह तो कुछ नहीं कहता है यह बोल नहीं सकता है क्या ?

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Story in hindi, Kahani in hindi, वह आदमी सेठ से कहता है की में सब कुछ जानता हु मगर में आपके सवाल के जवाब नहीं दे सकता हु क्योकि हमारे बुजुर्ग ने कहा की जो समझदार होते है उन्हें चुप ही रहना चाहिए अपनी समझदारी का बखान नहीं करना चाहिए वह सेठ समझ गया था यह तो बहुत बड़ा ज्ञानी है, वह किसान का समय आगे बढ़ा देता है उसके बाद वह किसान कहता है मुझे नहीं लगता था की उस सेठ से कोई जीत सकता है उसके बाद वह आदमी और किसान घर चले जाते है यह कहानी हमे कहती है की जीवन में अपनी समझदारी का बखान नहीं करना चाहिए

 

इंसान का व्यवहार हिंदी की कहानी :- Story in hindi

Story in hindi, Kahani in hindi, एक आदमी अपने गांव में रहता था उसे लगता था, अगर वह गांव में रहता है तो इससे वह धन को कमा नहीं सकता है, इसलिए वह एक दिन गांव को छोड़कर चला जाता है Because उसे बहुत अधिक धन कमाना था, वह गांव से शहर में चला गया था, कुछ समय बाद वह बहुत बड़ा व्यापारी बन गया था, अब उसके पास धन की कोई कमी नहीं थी, वह अपने गुरु के पास गया था,

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जब वह गुरु के पास गया तो उसने गुरु को प्रणाम किया उसके बाद उसने कहा की में बहुत अधिक धन कमा चूका हु, इसलिए में चाहता हु की इस धन से गरीबो की सेवा की जाये उन्हें खाना मिल सके, इसलिए में उनके लिए कुछ करना चाहता हु गुरु ने बात सुनी तो वह कहने लगे की यह तो बहुत अच्छा काम है, but तुम यह कैसे करने वाले हो यह बात मुझसे कह सकते हो, वह व्यापारी कहता है की में मंदिर का निर्माण कर देता हु जिससे उन्हें उस जगह पर खाना भी मिल सकता है, वह पूजा भी कर सकते है,

 

but व्यापारी यह बात सोच रहा था, की यह मंदिर गांव में बनाया जाए या शहर में बनाया जाए Because में तो शहर में रहता हु, उसकी बात सुनकर गुरु जी ने बताया की तुम यह मंदिर दोनों जगह बनवा सकते हो, यह बात व्यापारी को बहुत अच्छी लगी थी, उसने दोनों जगह पर मंदिर का निर्माण करवाया था, एक मदिर उसने शहर में बनाया था दुसरा मंदिर गांव में बनाया था Because वह उसका गांव था उसने दोनों मंदिर में पुजारी भी बैठा दिए थे, समय बीत रहा था व्यापारी ने देखा की गांव के मंदिर में बहुत अधिक लोग है,

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व्यापारी को यह बात भी समझ नहीं आ रही थी की शहर के कुछ लोग भी गांव के मंदिर में चले जा रहे थे जबकि व्यापारी ने दोनों मंदिर एक जैसे बनवाया था फिर भी ऐसा क्यों हो रहा था वह गुरु जी के पास जाते है उन्हें सब कुछ बता देते है गुरु जी व्यापारी की बात सुनते है वह कहते है गांव के पुजारी को शहर में लाया जाए उसके बाद व्यापारी ने ऐसा किया था, कुछ समय बाद देखा की गांव के लोग शहर में आ गए थे यह देखकर व्यापारी को अब भी बात समझ नहीं आ रही थी

 

Story in hindi, Kahani in hindi, वह गुरु जी के पास गए उन्हें सब कुछ बता दिया था गुरु जी ने कहा की यह सब कुछ इसलिए हुआ है, क्योकि वह पुजारी बहुत अच्छा है सभी की बाते आराम से सुनता है उनके दुःख को भी सुनता है उसके बाद उनकी सेवा करता है उसका यह व्यवहार ही सभी लोगो को खींच रहा है इंसान का व्यवहार ही सब कुछ कर रहा है अब व्यापारी को सब कुछ समझ आ गया था अगर मंदिर में बैठने वाला पुजारी सभी को अपना मानता है तो सभी लोग उसी और खींचे जा सकते है हमारा व्यवहार ही सब कुछ तय करता है  

 

दूसरी अच्छी कहानी :- Story in hindi

वह लड़का देखता है की रात हो गयी है सभी लोग सो गए है but एक बुढ़िया जाग रही है यह ठंड का मौसम है शायद उसे ठंड लग रही है वह घर के बाहर बैठी थी, वह लड़का उसके पास जाता है उसे ठंड से बचने के लिए कंबल देता है जब वह घर आता है तो उसके माता पिता दोनों ही देखते है की लड़का किस जगह पर गया था उन्हें पता चल गया था की वह उस बुढ़िया के लिए कुछ लेकर गया था

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वह लड़के से कहते है की तुम बहुत अच्छे हो, क्योकि तुमने बुढ़िया की मदद करने गए थे उन्हें बहुत ठंड लग रही थी इसलिए तुम मदद कर रहे थे वह लड़का कहता है की जब मेने देखा तो उन्हें ठंड लग रही थी इसलिए मेने उनकी मदद की थी उसके माता पिता दोनों कहते है की तुम्हे चिंता करने की जरूरत नहीं है हमे सब पता है बल्कि हमे तो ख़ुशी है की तुम मदद कर रहे हो, अगर आपको यह Story in hindi, Kahani in hindi, stories पसंद आयी है तो शेयर करे

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