Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya, नैतिक शिक्षा नयी कहानी

Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya

नैतिक शिक्षा नयी कहानी : Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya, हमारी और कोई चला हुआ आ रहा था उसे देखकर वह आदमी कहता है की आप कौन है मुझे ऐसा लगता है की आप इस गांव में नये है, क्योकि (Because) आपको यहां पर पहले कभी भी नहीं देखा है वह आदमी कहता है की आप ठीक कह रहे है में यहां पर नया हु, में इस गांव में नहीं रहता हु बल्कि (rather) यहां से होकर जा रहा था मगर मौसम अचानक ही खराब हो गया है जिसकी वजह से में आगे नहीं जा सकता हु,

Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya

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Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya

Naitik shiksha ki nayi kahani, में यहां पर बिलकुल नया हु में किसी को भी नहीं जानता हु अगर आप मुझे कुछ देर के लिए यहां पर ठहरने की इजाजत देते है तो आपकी मेहरबानी होगी वह आदमी कहता है की इसमें कोई परेशानी नहीं है आप मेहमान है आप यहां पर किसी को भी नहीं जानते है इसलिए (therefore) आपकी मदद करना यह तो बहुत जरुरी है आप यहां पर बैठ जाए में आपके लिए कुछ लाता हु वह आदमी कहता है की आप परशान न हो, आपने यहां पर रुकने की जगह दी यही बहुत है

Naitik shiksha ki nayi kahani :-

कुछ देर बाद ही मौसम बहुत ज्यादा खराब हो गया था अंदर से एक बूढी अम्मा आती है वह उस आदमी देखती है और कहती है की आप कौन है वह आदमी बताता है की में यहां पर नया हु और पहली बार आया हु, यहां पर जो आदमी है वह बहुत अच्छा है उसने मुझे यह पर कुछ देर के लिए ठहरने की इजाजत दी है अब वह बूढी अम्मा समझ जाती है वह कहती है की वह तो मेरा बेटा है जिसने आपको यह सब कहा था वह आदमी कहता है की आपका बेटा बहुत अच्छा है वह सबकी मदद करता है

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बूढी अम्मा बताती है की यह सब कुछ वह अपने मन से करता है उसका यही कहना है की सबकी मदद करने से ही हम इंसान के काम आ सकते है मगर इस भलाई में एक दिन ऐसा भी हो गया था की अब तो हमे डर लगने लगा है वह आदमी कहता है की ऐसा क्या हुआ था क्या आप हमे बता सकती है वह बूढी अम्मा कहती है की यह बात पिछले दो साल पहले की है मुझे बहुत अच्छे से याद है

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एक आदमी हमारे यह पर आया था, वह कहने लगा की वह बहुत परेशान है उसे मदद की जरूरत है इसलिए (therefore) वह घर से निकला था यह रात का समय हो रहा था मेरा बेटा जोकि सबकी मदद करता है उसकी मदद भी कर रहा था उसने कहा की आप आज हमारे यह अपर रुक सकते है कल चले जाना क्योकि रात भी हो गयी है वह आदमी कहता है की आप लोग तो बहुत अच्छे है वह रुक जाता है मगर रात को कुछ ऐसा होता है की जब हम सुबह उठ जाते है तो कुछ भी घर में नहीं था हमारे यहां पर वह रात को चोरी कर चूका था

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अब हमे पता चल गया था की वह चोर था जोकि हर बार ऐसा ही करता होगा उस दिन के बाद हमे बहुत ज्यादा डर लगने लगा था क्योकि उसने हमारी भलाई के लिए ऐसा काम किया था जबकि हमने कुछ भी नहीं सोचा था यही सोचकर बहुत ज्यादा डर लगता है अब वह आदमी भी समझ जाता है की वह बूढी अम्मा क्या कह रही थी वह आदमी कहता है की में तो यहां पर कुछ समय के लिए रुक गया था अगर आप चाहते है तो में चला जाता हु,

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कुछ समय बड़ा ही वह आदमी आता है और कहता है की आप चिंता न करे ऐसा कुछ नहीं है, हम ऐसा कुछ भी नहीं मानते है हर आदमी एक जैसा नहीं होता है लेकिन हमने अच्छा काम करना नहीं छोड़ा था हमे तो यही लगता है की हमे मदद करना बंद नहीं करना चाहिए शायद इससे कुछ लोग भी अच्छा काम करने लग जाए वह आदमी कहता है की आप सच में बहुत अच्छे है, नैतिक शिक्षा नयी कहानी, Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya, अगर आपको यह नैतिक कहानी पसंद आयी है तो सहरे जरूर करे.    

 

भगवान के भक्त की नैतिक हिंदी कहानी, Naitik shiksha ki nayi kahani

Naitik shiksha ki nayi kahani, मुझे लगता है मेरे घर में कभी भी भगवान् नहीं आते है में उनका ध्यान करता हु मगर फिर भी वह मुझे दर्शन नहीं देते है अपने पति की बात सुनकर पत्नी कहती है की शायद उन्हें हमारे ऊपर दया नहीं आती है Because हम बहुत गरीब है वह हमारे यहां नहीं आते है उन्हें हमारे पैसा कुछ भी नहीं मिलने वाला है, यह सुनकर पति कहता है ऐसी कोई भी बात नहीं है, Because भगवान किसी में भी भेद नहीं करते है, उनकी बातें अभी पूरी हुई थी, की एक साधु जी बहार से आवाज लगाते है

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उन्हें भिक्षा चाहिए थी मगर पत्नी कहती है की अब फिर कोई मांगने वाला आ गया है पति कहता है की ऐसी कोई बात नहीं है वह भूखे हो सकते है उन्हें खाने की जरूरत है, पति बाहर जाता है वह साधु जी कहते है क्या मुझे खाने को मिल सकता है बहुत भूख लगी हैं, वह आदमी कहता है की आप अंदर आ सकते है जब साधु अंदर गए तो देखते है की उनकी हालत बहुत अच्छी नहीं है पति अपने पत्नी से कहता है कुछ खाना ले आओ वह बहुत भूखे है, but पत्नी कहती है की हमारे पास कुछ भी नहीं है

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आप उन्हें अंदर बुला लाये हो मगर हमारे पास कुछ भी नहीं है पत्नी ने कहा की रात के थोड़े चावल बचे है क्या में उन्हें लेकर आ सकती हु, अब कोई भी रास्ता नज़र नहीं आता है पति कहता है जो भी है लेकर आ सकती हो, साधु जी देखते है की उनके पास बहुत ही कम चावल है but उनके साथ कुछ भी नहीं है, वह आदमी कहता है की हमारे पास इससे अधिक कुछ नहीं है आप इन्हे ग्रहण कर सकते है साधु जी कहते है आप चिंता क्यों करते है, इंसान का मन अच्छा हो तो जो भी वह देता है उसमे भूख दूर हो जाती है

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Naitik shiksha ki nayi kahani, कुछ समय बाद साधु जी कहते है तुमने भोजन भोजन कराया है तुम्हारी सभी परेशानी दूर हो जाएगी, वह आदमी उन्हें प्रणाम करता है उसके बाद साधु जी चले जाते है वह आदमी अगले दिन काम पर जाता है अब उसका काम बढ़ गया था उसे खाने की कोई कमी नहीं थी, यह सब कुछ वह साधु जी करके गए है जब से वह गए है तब से सभी कुछ अच्छा हो रहा है, अब आदमी को विश्वाश होने लगता है शायद वह भगवान थे जो उनकी मदद करने आये थे, जीवन में जो आप चाहते है वह पूरा जरूर होता है, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है, तो शेयर करे

 

Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya : उसे भूख लग रही थी कहानी

Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya
Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya

Naitik shiksha ki nayi kahani, वह लड़का देखता है की एक आदमी जोकि बहुत गरीब है, उसके पास खाने को कुछ भी नहीं है, but वह कुछ भी नहीं कह रहा है वह क्या सोच रहा है, यह तो पता नहीं चल रहा था मगर उस लड़के को लग रहा था की उसे बहुत भूख लगी है वह उस आदमी के पास जाता है और कहता है की मुझे ऐसा लगता है की आपको भूख लगी है, वह आदमी उसकी और देखता है और कहता है की तुम्हे कैसे पता चल गया है की मुझे भूख लगी है

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वह लड़का कहता है की जब आप सभी से कुछ पैसे मांग रहे थे मुझे ऐसा लग रहा था की आपको बहुत भूख लगी है वह आदमी कहता है की मुझे पता है की में बहुत गरीब हु मेरे पास कुछ नहीं है but में लोगो से काम मांग रहा था आज मुझे कोई काम नहीं मिला है जब मुझे काम मिलता है तो खाना भी मिल जाता है और जिस दिन काम नहीं मिलता है उस दिन खाना भी नहीं मिलता है, लड़का कहता है की मेरे पास कुछ खाना है आप उसे खा सकते है Because आप बहुत भूखे लग रहे हो,

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Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya, वह लड़का उसे अपना खाना भी दे देता है, वह लड़के से खाना लेता है और खाना शुरू कर देता है वह लड़का देखता है की यह तो बहुत भूखे थे, इन्हे बहुत भूख लग रही थी, वह लड़का हमेशा ही सभी की मदद करता था उसे ऐसा यही लगता था की मदद करने से दुसरो की मुश्किल हल हो सकती है इसलिए हर रोज कम से कम कुछ लोगो की मदद जरूर करे अगर आपको यह Naitik shiksha ki nayi kahani and naitik kahaniya कहानी पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे

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