गांव अलग हुए हिंदी कहानियां, Gaon alag hue hindi kahaniya

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Gaon alag hue hindi kahaniya, गांव अलग हुए हिंदी कहानियां : (hindi kahaniya) दादा जी की हिंदी कहानियां सुनने के लिए हमेशा गांव वाले तैयार ही रहते थे ऐसा क्या था कोई नहीं जानता था but यह बात सभी जानते थे की दादा जी कहानियां बहुत अच्छी होती है वह उस समय की कहानियां सुनाते थे जब बहुत से लोग उस गांव में नहीं थे उनकी उम्र भी बहुत ज्यादा थी 

गांव अलग हुए हिंदी कहानियां : Gaon alag hue hindi kahaniya

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Hindi kahaniya, उनकी कहानियां से सभी को अनुभव मिलता था क्योकि उन्हें लगता था की यह कहानियां  उनके जीवन को बदल सकती है शाम का समय था सभी लोग कहानियां सुनने आ गए थे ऐसा बहुत ही कम होता था क्योकि दादा जी हर रोज ऐसी कहानियां  नहीं कहते थेbut आज तो सभी लोग जिद्द करके आ गए थे सभी आकर बैठ गए थे but दादाजी अभी खाना खा रहे थे तभी उन्होंने देखा और कहा की आप सभी बैठ जाए उसके बाद हम कुछ कहते है पहले थोड़ा खाना खा लिया जाए जब खाना हो गया तो दादाजी कहते है की

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अब में तुम्हे उस वक़्त की एक ऐसी कहानियां सुनाता हु जिससे तुम्हे फैसले लेने में बहुत मदद मिलगी यह बात बहुत समय की एक गांव था उसमे दो जमींदार थे, but कुछ लोग एक को पसंद करते थे कुछ लोग दूसरे को पसंद करते थेलेकिन एक ही गांव होने की वजह से बहुत से परेशानी आती थी इसलिए एक दिन ऐसा भी आ गया था की उस गांव को अलग तो भागो में बाट दिया जाएऐसा इसलिए हो रहा था क्योकि दो जमींदार उस गांव में थे और कुछ लोग ही एक दूसरे को पसंद करते थे कुछ समय बाद ही जब ऐसा लगा तो उस गांव को बाट दिया गया था अब दोनों गांव को जब बाटा गया तो बीच में एक तार बाँध दिया गया था इस तार को पार करने की जरूरत नहीं थी क्योकि अब एक गांव के दो भाग हो गए थे

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समय बीतने के साथ कुछ ऐसा भी हुआ था जिससे की लोग भी अब बात नहीं करते थे वह सभी लोग जबकि साथ में थे अब बात करना पसंद नहीं करते थे अगर कोई सोचता भी था तो उन्हें यही बताया जाता था की कोई जरूरत नहीं है अब वह गांव हमारा नहीं है तार के इस पार का गांव हमारा है तार के दूसरी और से हमे कोई मतलब नहीं है बाते बढ़ती गयी थी और ऐसा लग रहा था की यह झगड़ा भी बढ़ गया था यह कैसे कम होगा कोई नहीं जनता था  

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यह गांव अलग ही नहीं हुआ था बल्कि गांव वाले भी एक दूसरे से अलग हो गए थे क्योकि वह बात भी नहीं करते थे उन्हें तो यही लगता था की अगर वह बात करंगे तो फिर से कोई जगडा हो जाएगा यह हो भी रहा था उसी समय एक साधू बाबा आते है वह नहीं समझ पाते है की यह गांव अलग क्यों हो गया है जबकि यह तो एक ही गांव था जब गांव वालो ने उन्हें देखा तो कहा की आप पहले हमारे साथ में आयंगे दूसरी तरफ के गांव वाले भी यही बात कह रहे थे

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मगर वह उनके साथ अलग क्यों जाए यह बात सोच रहे थे, क्योकि वह सभी को साथ देखना साहहते थे मगर यह क्या हो रहा है उन्होंने पूछा की ऐसी क्या बात है, जिससे आपके बीच यह दिवार खड़ी हो गयी है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था सभी ने बताया की यह सब कुछ जमींदार की वजह से हुआ था उन्हें बहुत पसंद करते है हम सभी but वह एक साथ में नहीं रहना चाहते थे, इसलिए गांव ही लग हो गया था यह बात सुनकर बाबा कहते है की यह बात ठीक नहीं है तुम्हे यह नहीं करना चाहिए था तुम सभी भाई थे

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एक दूसरे की मदद करते थे मगर तुमने अपने भाई के बीच झगड़ा भी किया है जबकि यह सही नहीं है वह भी तुमने उन दोनों जमींदार की वजह से किया है यह बात सुनकर वह सभी गांव वाले अब एक हो गए थे क्योकि वह सभी एक साथ में थे अब कोई भी जमींदार की बात नहीं सुन रहा था वह दिवार भी अब गिर गयी थी उनके बीच अब फिर से दोस्ती हो गयी थी, गांव अलग हुए हिंदी कहानियां, hindi kahaniya, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे.

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