story hindi jivan ki pareshani- हिंदी कहानी जीवन की परेशानी

Story hindi jivan ki pareshani | Hindi story

Story hindi jivan ki pareshani : हिंदी कहानी जीवन की परेशानी, आज तो हमे आते हुए रात हो गयी है हमे नहीं पता था की आज हम बहुत देरी (delay) से घर पहुंच जायँगे हमने तो यही सोचा था की हम दोनों समय से घर पहुंच सकते है मगर ऐसा नहीं हुआ था ऐसा क्यों नहीं हुआ है यह बता भी मुझे पता चल गयी है, अगर तुम उनकी मदद (help) करने नहीं जाते तो ऐसा नहीं होता क्योकि हम दोनों समय से स्टेशन आ गए थे मगर जब हम वहा पर गए तो हमे कुछ भी नहीं मिला था

 हिंदी कहानी जीवन की परेशानी : Story hindi

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हम दोनों इंतज़ार (Wait) कर रहे थे तभी सामने से वह आदमी आया था जिसके पीछे कुछ लोग पड़े हुए थे वह उसका सामान लेने वाले थे यही कारण था, की तुमने उसे बचा लिया था वह सभी भाग गए थे और वह आदमी सुरक्षित था क्योकि तुमने उसे बचा लिया था मगर उसकी वजह से आज हम यहां पर देरी (delay) से आये है अगर वहा पर ऐसा कुछ भी नहीं होता तो हम समय से घर आ जाते घर के बाहर तो बहुत ही अँधेरा हो रहा है यहां पर तो कोई नज़र नहीं आ रहा है

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वह नौकर कहा चला गया है, जबकि उसे बोला गया था की उसे आज यही पर रुकना होगा क्योकि हम आ रहे है कही ऐसा तो नहीं है की वह भूल (forget) गया है और घर चला गया है यह हो भी सकता है हमे पहले दरवाजे पर देखना होगा तभी आगे बढ़ना होगा मगर कोई भी दरवाजा नहीं खोल रहा था ऐसा भी हो सकता है की वह सो (sleep) गया है तो उसे जगाना भी चाहिए नहीं तो हम दोनों अंदर कैसे जा सकते है कुछ भी कर लो हमे नहीं लगता है की हम अंदर जा सकते है. Hindi Story

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ऐसा नहीं हो सकता है हम दोनों अंदर जरूर जायेंगे हमे खिड़की का सहारा लेना होगा तभी हम जा सकते है वह दोनों खिड़की की और जा रहे थे मगर खिड़की खुल नहीं रही है क्योकि यह अंदर से बंद है हमे कुछ सोचना चाहिए तभी हम अंदर जा सकते है इतनी मुसीबत में अगर घर (home) में नहीं जा सकते है तो इससे बड़ी समस्या क्या हो सकती है हम अपनी कोशिश तो कर रहे है मगर क्या करे जब तक यह खिड़की नहीं खुलती है तब तक सोचते है सोचने से रास्ता निकल सकता है 

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दोनों बहुत कोशिस कर रहे थे रात भी आधी हो चुकी थी सभी लोग सोये हुए थे कोई भी नज़र नहीं आ रहा था हम अपने ही घर में बाहर है ऐसा लग नहीं रहा है की हम यहां पर रहते है क्योकि (Because) हम दोनों आज घर के बाहर खड़े हुए है कुछ देर बाद ही वह खिड़की भी खुल जाती है अब ऐसा लग रहा था की हम अंदर जा सकते है दोनों घर के अंदर जाते है और देखते है की वह नौकर अंदर है या यहां पर नहीं है

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कुछ देर बाद ही कोई उन्हें पकड़ लेता है और चोर चोर कहता है यह कौन है जो चोर कह रहा है घर में अभी रौशनी नहीं थी अँधेरे के वजह से कुछ समझ नहीं आ रहा था तभी बिजली आती है और पता चलता है की वह तो नौकर है जिसने पकड़ा था नौकर डर जाता है और कहता है की आप यहां से अंदर क्यों आये है तभी दोनों कहते है की यह बात हमे पूछनी चाहिए की तुमने अभी तक दरवाजा क्यों नहीं खोला था जबकि हम दोनों बाहर ही थे

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नौकर कुछ नहीं कहता है क्योकि उसे कोई भी आवाज नहीं आयी थी वह तो यही कहता है की मुझे कोई आवाज नहीं सुनाई दी थी दोनों ने कहा की ठीक है अब हमारे लिए खाना बनाओ क्योकि बहुत भूख लगी है आज तो पता नहीं क्या दिन था कुछ भी अच्छा नहीं था, खाने को कुछ भी नहीं मिला था और ऊपर से खिड़की से आना यह बात कुछ भी समझ नहीं आ रही थी की हमारे साथ क्या चल रहा है कुछ देर बाद खाना आता है और वह दोनों खा कर सो जाते है 

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जब सुबह होती है तो सब कुछ अच्छा लगता है वह सभी बाते जो कल हुई थी सुबह के साथ भूल जाते है जीवन (life hindi story) में कुछ ऐसा ही होता है इसमें थोड़ी परेशानी भी होती है मगर सब कुछ अच्छा हो जाए तो जीवन भी अच्छा लगने लगता है, Story hindi jivan, हिंदी कहानी जीवन की परेशानी, अगर आपको यह कहानी (story hindi) पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे.

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