एक घर की कहानी, Ek ghar ki hindi kahani

Ek ghar ki hindi kahani

एक घर की कहानी, (Ek ghar ki hindi kahani) यह कहानी आपको पसंद आएगी, इस कहानी में हम यह जानते है की हमे अपने बच्चो पर ध्यान रखना चाहिए, हमे यह पता होना चाहिए की उनकी जरूरत क्या है, हम उनके सभी कार्यो पर कितना ध्यान दे रहे है, अगर हम यह सब करते है तो उनके जीवन पर अच्छा प्रभाव नज़र आता है, 

एक घर की कहानी : Ek ghar ki hindi kahani

hindi kahani.jpg
Ek ghar ki hindi kahani

यह एक घर की कहानी है उस घर में दो बेटियों माता-पिता रहते थे, उन दोनों बेटियों के पिता जी खेती करते थे, वह सभी लोग एक गांव में रहते थे, वह गांव बहुत बड़ा था, एक दिन उनके पिताजी खेती कर रहे थे तभी वह दोनों बेटियां अपने पिताजी के पास आई और कहने लगी कि हमें शहर जाना हैं और वहीं पर पढ़ाई करनी है गांव में अच्छे स्कूल भी नहीं हैं उनके पिताजी उन्हें पढ़ाने के लिए बहुत कुछ कर रहे थे

Read More-परेशानियों का सामना हिंदी कहानी

लेकिन बाहर जाकर पढ़ने पर उनके पिताजी थोड़े नाराज हो रहे थे क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटियां अकेले ही किसी शहर में रहे वहां पर किसी को नहीं जानती, इससे उन्हें परेशानी हो सकती है इसलिए उनके पिताजी ने उन्हें शहर जाने से मना कर दिया था उसके बाद दोनों बेटियां घर आ गई और अपनी माता जी से बात करने लगी कि आप ही पिताजी को समझाइए हमें बाहर जा कर पढ़ना है, यहां पर अच्छे स्कूल नहीं है जिससे कि हमारी पढ़ाई हो सके और हमें आगे बढ़ने के लिए शहर ही जाना होगा उनकी माता ने समझाया है कि तुम वहां पर अकेले कैसे रहोगे किसी को भी नहीं जानती हो

Read More-सेवा का सही मूल्य हिंदी कहानी

वहां पर रहकर पढ़ाई करने से हो सकता है परेशानी भी आए इसलिए तुम्हारे पिताजी शहर जाने से मना कर रहे हैं लेकिन दोनों बेटियां यह सोचने लगी कि अगर ऐसे ही मना करते रहे पढ़ाई अधूरी रह जाएगी और हम जीवन में कुछ भी नहीं कर पाएंगे तभी उनके पिताजी शाम को घर आए और कहने लगे कि तुम्हें वहां पर जाने की जरूरत नहीं है अगर तुम चाहो तो यही से पढ़ाई कर सकते हो उसके बाद उनके पिताजी खाना खाने लगे हो और खाना खाते वक्त उनकी माता ने कहा कि एक बार सोच कर देखिए यहां पर अच्छी पढ़ाई नहीं हो सकती

Read More-आप कैसे हो एक कहानी

शहर में जाकर पढ़ाई हो सकती है तभी उनके पिताजी कहने लगे कि मैं शहर जाने पर पाबंदी नहीं लगा रहा हूं लेकिन वहां पर इनकी देखभाल कौन करेगा इस बात की चिंता मुझे बहुत ज्यादा है और वहां पर अकेले रहने में भी बहुत सारी परेशानी होती है तुम्हें भी इस बात को सोचना चाहिए, शाम को कोई भी बात नहीं हो पाई थी और उसके बाद सभी लोग सोने चले गए जब सुबह हुई तो उनके पिताजी को लगा कि उनकी बेटियां सही कह रही है लेकिन वह भी बहुत परेशान थे उन्हें वह अकेले भेजना नहीं चाहते थे.

Read More-कबीले के पास की गुफा हिंदी कहानी

उसके बाद पिताजी खेती पर चले गए, माता ने कहा कि आज तुम दोनों बेटियां उनके लिए खाना लेकर जाना और मुझे लगता है कि मैं तुम्हारी बात को समझ गए हैं इसलिए तुम उनसे दोबारा इस बारे में बात करना हो सकता है कि मैं तुम्हें जाने की इजाजत दे दे, उसके बाद जब दोपहर हुई तो दोनों अपने पिताजी के लिए खाना लेकर खेत पर चले गए उसके बाद पिताजी के लिए खाना आ गया था पिताजी ने खाना खाना शुरु कर दिया और कहने लगी पिताजी ने कहा कि मैं तुम्हारे जाने पर पाबंदी नहीं लगाता हूं लेकिन मुझे तुम्हारी चिंता है इसलिए मैं मना कर रहा था अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारी पढ़ाई बहुत जरूरी है

Read More-पहाड़ी की दूरिया हिंदी कहानी

 तुम जीवन में आगे बढ़ सकते हो तो मैं तुम्हें भेजना जरूर चाहत हु, इसके बाद दोनो बेटियां बहुत खुश हो गई थी वह हंसती हुई घर पर चली गई क्योंकि उनकी बात को मान लिया गया था जब शाम को पिता जी घर आए तो उन्होंने कहा कि मैं दोनों बेटियों को भेजने के लिए तैयार हूं लेकिन मुझे इसके लिए एक समस्या है जो कि उसका निवारण होना बहुत ही जरूरी है तभी माताजी ने कहा कि क्या परेशानी है तभी उसके बाद कहा कि मैं दोनों बेटियों को भेज दूंगा लेकिन तुम्हें इनके साथ रहना होगा जब तक इनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती तब तक तुम्हें वहीं पर रहना होगा, देखभाल करनी होगी

Read More-राजा और चोर की कहानी

तुम भी समझती हो कि वहां पर भेजना समस्याएं वाला काम है और वह शहर है गांव तो नहीं है वहां किसी को भी कोई नहीं जानता फिर कहा कि तुम्हें उनके साथ रहना होगा वहीं पर ही इनकी देखभाल करनी होगी जब तक इनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती, तुम वहीं पर होगी. जब इनकी पढ़ाई पूरी हो जाएगी तब लेकर घर पर आ जा जाना और जब तक समस्या है तब तक मैं यहां पर जो भी काम होगा अपने आप देख लूंगा क्योंकि थोड़ी परेशानी तो हमें अपने बच्चों के लिए उठानी पड़ती है इस तरह दोनों बेटियां और उनकी माता सभी लोग शहर में रह गए चले गए और उसके बाद उनके पिताजी गांव में ही रहे और कभी-कभी उनके पिताजी उनसे मिलने जाया करते थे और उनका हाल-चाल भी पूछा करते थे

Read More-सब-कुछ संभव है कहानी

हम जीवन में सभी लोग परेशानियों का सामना करते हैं लेकिन कुछ परेशानी लेकर हम अगर किसी काम को सही कर सकते हैं तो हमें जीवन में वह कार्य जरूर करना चाहिए.यह कहानी हमें यही बताती है कि हमें अपने बच्चों के लिए बहुत कुछ करना चाहिए अगर हम परेशानी में आकर उन्हें सब कुछ दे सकते हैं तो हमें थोड़ी परेशानी भी सहनी पड़ सकती है जिससे कि उनके भविष्य को हम अच्छी तरह से बना सकते हैं क्योंकि अगर हम अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देंगे तो और कौन ध्यान देगा हमें उनकी ओर ध्यान देना चाहिए और उनकी जरूरतों को पूरा करना चाहिए तभी हम अच्छे माता-पिता कहलाते हैं.

Read More-विचित्र हिंदी कहानियां

एक घर की कहानी, (Ek ghar ki hindi kahani) अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे, आप अगर कोई भी कमेंट करना चाहते है तो हमे कमेंट कर सकते है, हमे इंतज़ार रहेगा.

Read More Hindi Story :-

Read More-कामयाबी का सफर हिंदी कहानी

Read More-समय निकलने बाद हिंदी कहानी

Read More-एक महारानी की हिंदी कहानी

Read More-चिराग और जिन्न की हिंदी कहानी

Read More-जीवन में कामयाबी की कहानी

Read More-सीखने की कला हिंदी कहानी

Read More-यादगार पल की हिंदी कहानी

Read More-सेनापति की हिंदी कहानी

Read More-जादू का भ्रम कहानी

Read More-पुराने दोस्त की कहानी

Read More-एक राजा की हिंदी कहानी

Read More-उड़ती हुई रेत की कहानी

Read More-कला का ज्ञान हिंदी कहानी

Read More-मेहनत बेकार नहीं जाती कहानी

Read More-जीवन की सफलता की कहानियां

Read More-सही दिशा में सपनों की कहानी

Read More-अकेले ही चलते रहे हिंदी कहानी

Read More-एक सच्चे दोस्त की कहानी

Read More-सुखमय जीवन की कहानी

Read More-राजा की प्रजा हिंदी कहानी

Read More-राजकुमार की कहानी

Read More-परिश्रम की हिंदी कहानी

Read More-एक कहानी सोचना जरुरी है

Read More-मन की जीत एक कहानी

Read More-मेरी नयी हिंदी कहानी

Read More-आईने की हिंदी कहानी

Read More-जादुई कटोरा की कहानी

Read More-जीवन में बदलाव लाये कहानी

Read More-बांसुरी की धुन एक लघु कहानी

Read More-सही मार्ग कौनसा है हिंदी कहानी

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!