पहाड़ी बाबा की रोचक कथाएं, Rochak tathya in hindi

Rochak tathya in hindi

यह रोचक कथाएं (Rochak tathya, rochak tathya in hindi) आपको पसंद आएँगी, पहाड़ी बाबा सबकी मदद करते थे, एक दिन उनकी साधना के बीच एक लड़का उनसे मदद मांगने आता है, पहाड़ी बाबा कही नज़र नहीं आते है,

पहाड़ी बाबा की रोचक कथाएं : Rochak tathya in hindi

Rochak tathya.jpg
Rochak tathya

Rochak tathya, rochak tathya in hindi, पहाड़ी बाबा कभी-कभी गांव में भी जाया करते है, गांव के लोग उन्हें बहुत मानते थे, क्योकि वह किसी भी परेशानी को दूर कर सकते है, एक दिन पहाड़ी बाबा गांव में से जाने के लिए कह रहे थे, क्योकि वह बहुत बड़ी साधना करने वाले थे, इस दौरान कोई भी उन्हें परेशान नहीं करता था,  इस बीच कोई भी समस्या अगर आ भी जाए तो कुछ भी नहीं हो सकता था,

 

पहाड़ी बाबा जब भी गांव में कोई समस्या आती थी तो वह उस समस्या की निदान कर दिया करते थे,  लेकिन जब भी वह साधना करते है, तो कोई भी उन्हें उस साधना से जगनना उचित नहीं समझता था, वह अपनी साधना करने के लिए पहाड़ी पर चले गए थे, सभी गांव वाले काम में लग गए थे,

दाढ़ी में आग की कहानी

तभी कुछ देर बाद उस गांव में एक लड़का आया और पहाड़ी बाबा के लिए पूछा, गांव वाले ने उसे बताया की तुम्हे अपनी समस्या के कुछ दिन रुकना पड़ेगा, बाबा अभी पहाड़ी पर अपनी साधना कर रहे है, हम उन्हें अभी जगा नहीं सकते है, लड़के ने कहा की अगर मुझे जल्दी इस समस्या का इलाज नहीं मिला तो मेरी माता बहुत समस्या में आ जायेगी,

रेल का डिब्बा

गांव वालो ने उससे पूछा की क्या बात है, तभी लड़के ने बताया की मेरी माता की तबियत काफी दिन से खराब चल रही है उनका बहुत इलाज कराया लेकिन उन पर इलाज का कोई भी असर नहीं पड़ रहा है, फिर किसी ने बताया की बाबा हमारी समस्या को ठीक कर सकते है, सभी गांव वालो ने उस लड़के की और देखा अभी उसकी ज्यादा उम्र नहीं थी,   

पेड़ और झाड़ी

अभी उस लड़के की उम्र बारह साल की थी, उसे अपनी माता की चिंता भी बहुत थी, लेकिन कोई भी उसकी मदद नहीं कर सकता था, सभी गांव वाले यही कह रहे थे की तुम्हे कुछ दिन इंतज़ार करना होगा, लेकिन लड़का इस बात को मानने के लिए त्यार नहीं था, वह पहाड़ी की और चल दिया था, उसे अपनी माता को ठीक करना था,

गमले वाली बूढ़ी औरत

जब वह पहाड़ी पर गया तो उसने देखा की बाबा उस कही भी दिखाई नहीं दे रहे थे, वह उन्हें खोजने लगा और बाबा उसे कहि भी दिखाई नहीं दिए वह थककर बैठ गया था, उस लड़के ने बाबा को आवाज भी लगाई थी, पर बाबा कहि दिख भी नहीं रहे थे, वह लड़का अब उदास ही बैठ गया था, जब रात हुई तो पहाड़ी पर बहुत जायदा ठण्ड लगने लगी थी, उससे वह ठण्ड सहन नहीं हो रही थी,    

जादू की अंगूठी

वह लड़का वही पर बैठकर भगवान् से प्रथना करने लगा था, अब उस लड़के को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था, अब वह वही पर बैठकर रोने लगा था, तभी बाबा उस लड़के के सामने आये और उस लड़के को चुप करा दिया, लड़के ने बाबा को देखकर अपनी सारी बात बताई थी, बाबा ने कहा की तुम चिंता मत करो, फिर बाबा ने उसे एक फूल दिया और कहा की इसे पीस कर देने से तुम्हारी माता ठीक हो जायेगी,

जादू का किला

लड़के ने वह फूल लिया और वहा से चला गया था, उसके बाद लड़के की माता ठीक हो गयी थी, जब गांव वालो को पता चला की बाबा ने उस लड़के कीमदद कर दी थी, क्योकि कभी भी बाबा किसी को नज़र नहीं आते थे जब भी वह साधना करते थे, यह मन कि सच्चाई ही है अगर हमारा मन साफ़ है तो सभी काम आसान हो जाते है, अगर आपको यह रोचक कथाएं (Rochak tathya, rochak tathya in hindi) पसंद आयी है तो आप इसे शेयर करे और कमेंट करके हमे भी बताये.

 

जीवन के फैसले सही तरिके से करे हिंदी कहानी :- rochak tathya in hindi

Rochak tathya, rochak tathya in hindi, वह लोग भी इस बात को नहीं जानते थे की इस दुनिया में बहुत कुछ हो सकता है वह लोग जंगल के रास्ते से होते हुए जा रहे थे उन्हें नहीं पता था, की उन्हें एक अजीब गुफा भी मिल सकती है, यह गुफा उन्हें बहुत अमीर बना सकती है, वह सभी लोग उस गुफा में जाते है वह सोचते है आज की रात उन्हें आराम मिल सकता है, वह गुफा में चले जाते है वह गुफा अंदर से बहुत अच्छी होती है, उसे देखकर कोई भी कह सकता है

परेशानियों से बचे एक कहानी

यह गुफा अंदर से बहुत सुन्दर है, उस गुफा में दो दरवाजे थे वह उन दोनों दरवाजो के बारे में नहीं जानते थे उन्हें नहीं पता था की यह दरवाजे किस काम आते है वह पहला दरवाजे को खोल देते है, उसके अंदर उन्हें बहुत अधिक धन मिलता है, वह उस धन को लेना चाहते है मगर उससे पहले वह दूसरे दरवाजे को भी देखना चाहते थे उसके पीछे क्या हो सकता है, क्योकि वह नहीं जानते है की उसके पीछे क्या हो सकता है, वह उस दरवाजे को खोल देते है, उसके बाद उन्हें हरा भरा जंगल नज़र आता है, क्योकि वह नहीं जानते है यह दोनों दरवाजे किस काम आते है

निस्चन ऋषि की कहानी

एक दरवाजे के पीछे बहुत अधिक धन रखा हुआ है दूसरे दरवाजे को देखने पर उन्हें अच्छ लगता है, वह सोचते है की हमे क्या करना चाहिए क्योकि वह नहीं जानते थे की यह दोनों दरवाजे किस काम आने वाले है कुछ लोगो को धन का लालच नहीं था मगर कुछ लोग धन चाहते थे, इसलिए लोगो ने अपने रस्ते बदल लिए थे उन्हें नहीं पता था, की इसका का मतलब हो सकता है, वह तो यह सोचते थे की यह फैसला हम पर है हम किस जगह पर जाना चाहते है, कुछ लोग धन के लालच में धन लेने चले जाते है,

क्रोध से दूर रहे कहानी

Rochak tathya, rochak tathya in hindi, कुछ लोग दूसरे दरवाजे पर चले जाते है क्योकि उन्हें धन का लालच नहीं था कुछ समय बाद जो लोग उस हरे भरे जंगल के रस्ते में जाते है उन्हें बहुत अच्छा लगता है उन्हें खाने को फल मिलते है पीने के लिए पानी मिलता है, उन्हें अच्छा लगता है उन्हें नहीं पता था, की यहां पर बहुत कुछ है, मगर जो लोग धन के लालच में जाते है उन्हें धन मिल जाता है मगर उस रस्ते पर उनके पास धन ही था, उनके पास कुछ भी खाने को नहीं था उनके पास पीने को पानी नहीं था ऐसे धन का क्या फयदा जिससे हम कुछ नहीं ले सकते है वह हमे भूखा रखता है, इसलिए जिंदगी के फैसले सही तरिके से करे,

Read More Hindi Story :-

बुद्धि की परीक्षा की कहानी

अंधे को मिली सजा की कहानी

दानवीर सुखदेव सिंह की कहानियां

अपने मन के राजा की कहानी

अच्छे कर्म की दो मोरल हिंदी कहानी, hindi kahaniya

बदले की भावना की कहानी, Story in hindi Revenge

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!