सही सोच की कहानी भाग दो, latest hindi story

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अब आप सही सोच की कहानी भाग दो (latest hindi story) पढ़ रहे है, अगर आपने अभी तक इसका पहला भाग नहीं पढ़ा है तो आप उसे जरूर पढ़ ले, यह कहानी आपको पसंद आएगी, क्योकि जीवन में ऐसी बहुत सी बाते होती है जिसकी वजह से इंसान काफी परेशान हो जाता है, और एक कदम उठाता है कभी वह सही होता है और कभी गलत,

सही सोच की कहानी भाग दो : latest hindi story

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अगर आप पहली कहानी के बारे में नहीं जानते है (सही सोच की कहानी भाग एक जरूर पढ़े) तो हम यहां पर थोड़ा आपको बता देते है, इससे आपको कुछ हद तक कहानी समझ में आ जायेगी, सेवत अपनी खेती नहीं करना चाहता था, लेकिन उसके पिताजी इस बात पर बहुत जोर दे रहे थे, इस सब परेशानी के चलते सेवत अपना घर छोड़कर चला जाता है, उसके जाने के बाद माता-पिता दोनों ही दुखी हो जाते है,

 

सेवत अपने घर से काफी दूर एक शहर में जाता है और कुछ दिन बाद उसके पैसे भी समाप्त हो जाते है, वह जिस स्टेशन पर बैठा होता है वही पर एक चोर एक आदमी का बैग ले कर भागता है सेवत उसके पीछे जाता है और चोर बैग को वही छोड़कर चला जाता है, जिसका बैग वह वापिस करता है वही सेठ उसे अपने घर ले जाता है, और अब हम आगे पढ़ते है,   

 

सेठ का घर बहुत बड़ा होता है सेठ यह जानता है की वह लड़का बहुत ही अच्छा है और बहुत ईमानदार भी है इसलिए सेठ ने उसे अपने यहां पर काम करने के लिए रख लिया था, सेठ एक बहुत बड़ी दूकान का मालिक है और उस दूकान में बहुत से लोग काम करते है, उसी दूकान में सेठ उस लड़के को काम देता है, लड़के को बहुत अच्छा लगता है, की वह काम कर रहा है,

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वह काम की तलाश में ही तो यहां पर आया था, और उसे काम भी मिल गया था, सेठ ने उसके रहने का इंतजाम अपने घर के पास बने एक गेस्ट हाउस में करवा दिया था, वह लड़का हर रोज वही से काम पर जाता और शाम को वापिस आ जाता था, वह लड़का बहुत मेहनत से काम कर रहा था, मगर उसने यह भी नहीं सोचा की वह घर छोड़कर आया है,

 

वह जानता था की जब भी वह वापिस जाएगा तभी उसे इस बात की सजा मिल सकती है, क्योकि वह बिना बताये यहां पर आ गया था, सेठ उसे बहुत से काम देता था क्योकि सेठ यही सोचता था की यह बहुत मेहनत करता है और विश्वास के लायक भी है, इसलिए सेठ उसे बहुत मानता था, सेठ की एक लड़की थी, वह लड़का उसे पसंद करता था,

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यह बात सेठ को मालूम नहीं थी, सेठ की पत्नी यह बात जानती थी, की उसकी लड़की हर रोज उस लड़के को देखा करती थी, सेठ की पत्नी को यह डर भी था की अगर यह बात सेठ को पता चल गयी तो हो सकता है की वह नाराज हो जाए, इसलिए उसने सेठ से यह बात नहीं कही थी, मगर एक दिन सेठ की पत्नी बोली की हमे लड़की का विवाह कर देना चाहिए,

 

सेठ बोला की हमे पहले एक अच्छे लड़के की तलाश करनी चाहिए तभी उसका विवाह होगा, पहिर सेठ की पत्नी ने पूछा की आपको कैसा लड़का चाहिए, सेठ बोला की लड़का बहुत अच्छी आदत का होना चाहिए सेठ यह जानता था की उसे अच्छा लड़का ढूढ़ने में काफी दिक्क्त हो सकती है लेकिन सेठ को कोई भी अमीर लड़का नहीं चाहिए था, क्योकि उसके पास बहुत पैसे थे, उसे इस बात की कोई भी चिंता नहीं थी,   

 

सेठ उठाकर जाने ही वाला था तभी उसकी पत्नी ने यह बात सेठ के सामने राखी की जो हमारे यहां पर लड़का काम करता है वह भी बहुत अच्छा है और बहुत ईमानदार भी है अगर तुम चाहो तो हम उससे बात कर सकते है, सेठ ने अपनी पत्नी की और देखा और कुछ नहीं बोला, बिना कुछ कहे वह उठकर चला गया था, वह भगवान् के मंदिर गया और प्राथना करने लगा की आपने मुझे सब कुछ दिया है,

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क्या आपकी यह लीला है की में उस लड़के से अपनी लड़की का विवाह कर दू, मेरे पास जो भी कुछ है वह आपने मुझे दिया है, में भी कभी इस शहर में काम की तलाश में आया था और आपने मेरी मदद की थी, आपके बिना कुछ भी संभव नहीं था, और आज मेरे सामने यह उलझन आ गयी है, में सोच रहा हु की में उस लड़के से अपनी लड़की का विवाह कर दू, मुझे वह लड़का पसंद है, क्योकि वह बहुत अच्छा है और ईमानदार भी है,

 

आज मेरी पत्नी ने मुझसे यह बात कही थी, इसलिए आज में आपके सामने आया हु अगर आप भी यह चाहते है तो ऐसा ही होगा, मगर इसके लिए मुझे उसके माता-पिता मिलना होगा, उसके बाद यह सोचकर सेठ लड़के के पास गया और बोला की हमे कुछ दिन बाद तुम्हारे माता-पिता से मिलना होगा यह सुनकर लड़का बहुत डर गया था इसलिए सेठ से पूछा की क्या मुझसे कोई गलती हो गयी है, लेकिन सेठ ने कहा की नहीं ऐसा नहीं है मगर मुझे मिलना है, 

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लड़के मन में बहुत से विचार आ रहे थे की पता नहीं सेठ क्यों मिलना चाहता है, लड़का हर रोज की तरह काम पर जाने लगा था, कुछ दिन बाद सेठ ने जैसा कहा था की मुझे तुम्हरे माता-पिता से मिलना है, वह जाने की तयारी कर रहे थे सेठ ने जाने के लिए अपनी गाडी निकलवाई और दोनों उसके गांव की और निकल पड़े, रस्ते में सेठ ने बहुत सी बाते भी की, सेठ यह जानता था की उसकी एक ही लड़की है इसलिए वह बहुत सोचकर ही कोई फैसला करना चाहता था, 

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सेठ को यह भी लग रहा था की अगर में इससे अपनी लड़की का विवाह करता हु, तो यह लड़का और मेरी लड़की हमेशा मेरी आँखों के सामने ही रहेंगे, यह सोचता हुआ सेठ लड़के के गांव में आ चूका था, लड़का काफी डरा हुआ महसूस कर रहा था,

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