रानी का लड़का, kahani in hindi

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रानी का लड़का

kahani in hindi, hindi story, एक राजा था उसके तीन रानियां थी राजा बहुत दुखी रहता था क्योंकि उसके बेटा या बेटी नहीं थे तीनों रानियों में से किसी को भी कोई बच्चा नहीं था कुछ दिनों के बाद राजा को पता चला कि राजा की सबसे छोटी रानी को बेटा होने वाला है.

 

राजा बहुत खुश हुआ पर उसकी बाकी की दो रानियां उस से दुखी हुई क्योंकि वह कहने लगी अगर राजा की इस रानी को बच्चे हो जाएंगे तो यह हमें अच्छी तरह नहीं रखेगा  राजा ने अपने सबसे छोटी रानी से कहा कि मैं दूसरे राज्य में किसी काम से जा रहा हूं अगर तुम्हारे बच्चा हो जाए  तो ढोल को जोर से बजाना मैं आ जाऊंगा

एक दिन रानी ने सोचा कि मैं इस ढोल को बजा कर देखती हूं कि राजा आते हैं या नहीं उसने ढोल को बजा दिया राजा तुरंत बोले बताओ रानी रानी ने कहा मैंने तो ऐसे ही बजाया था फिर वापस चले गए कुछ दिनों बाद रानी को बहुत सुंदर बेटा हुआ रानी ने ढोल बजाया पर राजा ने सोचा रानी आज भी मजाक ही कर रही होगी और वह नहीं आए

 

बाकी की दो रानी और एक दासी ने मिलकर उस छोटी रानी के बेटे को उठा लिया और कूड़े में डाल दिया और उसकी जगह पर ईंट और पत्थर रख दिए और रानी से कहने लगे  तुम्हारे बच्चे की जगह ईंट और पत्थर हुए हैं राजा वापस आया तो राजा को पता चला की रानी की ईंट और पत्थर हुए हैं

 

तो उसने रानी को महल से बाहर निकाल दिया और सजा दी कि तुम महल की छत पर 7 दिन रहोगी और वहां के सारे पशु पक्षियों को उड़ाती रहोगी राजा की दो रानियां बड़ी खुश हो गई उन्होंने राजा के बच्चे को बाहर कूड़े में डाल दिया था वहां पर एक छोटी सी घोड़ी आने लगी घोड़ी कूड़े में बैठ जाती तो बच्चा ऊपर मुंह करके उसका दूध पी लेता

 

 राजा की सबसे बड़ी रानी ने यह देख लिया उसने राजा से कहा राजा घोड़ी को मरवा दो नहीं तो मैं खाना पीना नहीं खाऊंगी राजा ने कहा रानी यह गलत है और रानी नहीं मानी राजा  को  घोड़ी को मरवाना पड़ा एक दिन एक माली वहां से जा रहे थे उसने उस बच्चे को देखा तो उठाकर अपने घर ले आए और अपने पति से कहने लगी हमारे कोई बच्चा नहीं था इसलिए भगवान ने इसे मुझसे मिलाया है आज से यही हमारा बच्चा होगा

 

कुछ दिनों बाद बच्चा बड़ा हो गया और खेलते-खेलते महल महल के बाहर पहुंच गया नहाने के बाद वह सबसे बड़ी रानी ने उसे देख लिया रानी ने कहा तुम यहां क्या कर रहे हो  मैं तो अपने घर जाकर खेलना चाहिए उस बच्चे ने कहा मेरा घर महल है मैं महल रानी समझ गई रानी ने राजा को बुलाया और कहा कि जो माली का बेटा है

 

अगर वह सात समुंदर पार से जंगल में से मुझे मोती लेकर देगा तो मैं खाना पीना खाऊंगी वरना नहीं राजा ने कहा कोई अपने बच्चे को क्यों भेजेगा रानी ने कहा मुझे कुछ नहीं पता राजा ने माली को बुलाया और उसे सारी बात बताई माली  कहा ठीक है मेरा बेटा चला जाएगा

 

 माली का बेटा घर से निकल गया रास्ते में जंगल था जंगल में रात हो गई वह एक पेड़ के नीचे लेट गया पेड़ पर एक हंस और हंसिनी का जोड़ा रहते थे घोंसले में उनके बच्चे थे एक सांप रोज उनके बच्चे खा जाता था उस दिन भी वह खाने के लिए आया तो उस लड़के ने उसको मार कर वही डाल दिया

 

जब हंस और हंसिनी आए तो उन्होंने देखा उन्होंने राजा के बेटे का धन्यवाद किया वह बोला मुझे सात समुंदर पार जंगल में जाना है हंस बोला तुम मेरे ऊपर बैठ जाओ मैं तुम्हें वहां पहुंचा दूंगा पर वहां एक बहुत बड़ा राक्षस रहता है उसकी एक बहुत सुंदर बेटी है तुम उसके पास चले जाना वह तुम्हारी सहायता करेगी

 

माली के बेटे ने कहा ठीक है हम उसे सात समुंदर पार जंगल में छोड़ आया और कहने लगा जब तुम्हारा काम हो जाए मुझे याद कर लेना मैं फिर आ जाऊंगा वहां जाकर राक्षस की बेटी को उसने सारी बात बताई वह बोली मेरे पिताजी तुम्हें खा जाएंगे

 

क्योंकि वह आदमियों की महक करके पता कर लगा लेते हैं कि यहां कोई इंसान आया है पर मैं तुम्हें बचा लूंगा उसने उस लड़के को मक्खी बनाकर रख लिया और जब उसके वह राक्षस घर से चला जाता तो वह उसे खाना पीना खिला देती एक दिन वह अपने पिता से बोली कि मुझे यहां से जाना है

 

आप मेरी शादी कर दो उसने कहा तुम्हारी शादी किसके साथ करूं एक लड़का है उसने मक्खी से लड़का बना दिया उसके साथ उसकी शादी हो गई और  आप  उसे वह सुनहरे मोती भी दे दिए जो रानी भी मंगाए थे वह लड़का अपनी पत्नी के साथ वापस घर आ गया सब और शोर मच गया

 

कि देखो माली का बेटा सात समुंदर पार से सुनहरी मोती ले आया घर माली के बेटे ने सुनहरे मोती राजा और रानी को दे दिए राजा ने कहा मैं सारे राज्य में भंडारा कर आऊंगा और सब को दावत खिलाऊंगा मेरे कोई बेटा नहीं है राजा न सबको बुलाया माली का लड़का और उसकी पत्नी भी आए

 

जब वह खाना खाने बैठे तो जो राजा की सबसे छोटी रानी थी जिसे राजा ने सजा दे रखी थी उसने अपने बेटे को पहचान लिया और सारी बात बता दी माली का लड़का बोला मैं ही आपका बेटा हूं राजा ने उन दो रानियों को गरम तेल की कढ़ाई में डलवा दिया और जिसको उसने सजा दी थी

 

kahani in hindi, hindi story, उसे वापस महल में बुला लिया और अपने बेटे को भी ले आया राजा रानी उनका बेटा और उसकी पत्नी आराम से खुशी-खुशी महल में रjहने लगे जो जैसा करता है उसे उसकी सजा एक ना एक दिन जरुर मिलती है राजा की उन दो रानियों ने राजा से उसके बेटे को अलग किया था पर एक ना एक दिन राजा और उसके बेटे को भगवान ने मिला ही दिया.

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