हास्य कहानी, funny hindi story

funny hindi story

हास्य कहानी एक मेहमान 

funny hindi story, ये कहानी एक मेहमान पर आधारित है जिसका पता नहीं होता आखिर कब आ जाये और जब ये मेहमान आ जाता है तो जानिए क्या क्या होता है. तो मिलिए  हमारे शाम जी से जब वो आये. दरवाजे पर पहुचने के बाद बेल्ल बजाई और खड़े हो गए गर्मी का दिन था और पसीना भी बहुत आ रहा  था.

 

प्यास भी बहुत लगी थी और ये दरवाजा जोकि खुल ही नहीं रहा था. पसीना पोछते हुए फिर बेल्ल बजाई पर कोई जवाब ही नहीं मिल रहा था ऐसा लग रहा था की कोई है या नहीं. फिर इधर उधर देखा की कोई देख तो नहीं रहा है और उसने दरवाजे पर अपने कान लगाए और आवाज सुन्नी चाही.

 

कुछ अजीब सी आवाजे आ तो रही थी पर कुछ समझ नहीं आ रहा था की कोण सी आवाजे है.  फिर बेल्ल बजे पर कोई जवाब नहीं मिला, सोचने लगा की एक तो धूपं और इतनी गर्मी और ये दरवाजा जो कोई खोलता ही नहीं, बस  यही सोचकर अपने सुएटकेस पर ही बैठ गया , कुछ लोग अपने खड़की में से झांक के देख रहे थे न जाने क्या सोच रहे है मेरे बारे में . बस सबकी निगाए तो मुझ पर लगी हुई थी न जाने में कोई मदारी हु जो इनको अपना खेल दिखाऊ.

 

बैठे बैठे काफी समय हो गया था लगभग पसीने में पूरी तरह भीग चूका हु. क्या कर समझ में नहीं आ रहा था. सोचता हु की क्या कर वापस जाऊ या ये दरवाजा ही तोड़ डालू क्या करु, अब लोगो का घूरना लगभग बढ़ता ही जा रहा था.  न जाने ये लोग क्या छोटे होंगे मेरे बारे में कही इन लोगो में पागल तो नज़र नहीं आ रहा शायद यही सोचते होंगे.  पहली बार आया हु में यहाँ और ऊपर से में इनका दूर का रिश्तेदार हु पता नहीं मुझे पचानते भी है या नहीं , एक बार फिर उठा और घंटी बजाई फिर बैठ गया कुछ देर बाद भी कोई जवाब नहीं मिला और मेने सोचा की मकान को पिछले हिस्से में देखता हु शायद कोई नज़र आ जाये.

 

 मैंने मकान के पीछे  देखा तो एक छोटी सी दिवार है शायद यहाँ से कूदा जा सकता है. पहले अपना समान लेकर आता हु फिर इसी दिवार से अंदर कूद जाऊंगा. अपना समान लेकर आया और समान को पहले अंदर डाला और फिर दिवार पर  चढ़ने लगा जितना आसान लग रहा था उतना आसान नहीं है दिवार पर चढ़ना कई बार कोशिश करने पर भी नहीं चढ़ पाए सोचा एक कोशिश और कर लू  अंत में आखिर चढ़ ही गए ओह साँस में साँस आयी कही बीच में ही लटक जाते तो बड़ी परेशानी होगी. 

 

अब अंदर तो आ गए पर देखते है की एक कुत्ता सामने बैठा था उसे देख कर अब तो हिम्मत ही जवाब दे गयी कही इसने काट लिया तो भगवन न जाने क्या होगा, मुझे इंतज़ार करना चाहिए जब तक कोई और दिखाई न दे . और में वही कही छुप गया. और इंज़ार इतना लंबा था की रात ही हो गयी और एक महिला वह पर आयी . वह शायद कपडे उतरने आयी थी और में सोच रहा था की ये कौन है में तो सिर्फ राम बाबु को ही जनता हु और किसी में नहीं पहचान  पाता.

 

अगर राम बाबु दिखे तो और अच्छा है. इन्हे आवाज़ लगाई तो न जाने ये क्या सोचेंगे. कुत्ते की वजह से में बाहर भी नहीं आ पा रहा था और कोई दिखा भी नहीं सिर्फ इस महिला के अलावा है. रात भी हो गयी और सुबह के चले भूख भी लग रही थी  अंदर से बचो की आवाजे आ रही थी शायद बच्चे अंदर खेल रहे थे पर कोई बाहर नहीं आ रहा था. पर एक बॉल बाहर आ गयी और एक बच्चा उसे उठाने वह आया और मेने उसे आवाज लगाई और वो डर गया और

 

वह से भाग गया मम्मी मम्मी चील रहा था और वो बच्चा अपनी मम्मी के साथ आया और बोला मम्मी यहाँ एक चोर छुपा है. जो मुझे डरा रहा है. पर में थोड़ा छुप गया अब तो मुझे भी डर लग रहा था . उस महिला की नज़र मेरे समान पर पड़ी और वो भी डर गयी ये तो चोरी का समान लगता है यानी यहाँ एक चोर है. महिला ने चोर चोर चिलाना शरू कर दिया और कुछ पडोसी भी वह आ गया और पूछने लगे की चोर कहा  है.

 

उसने समान की और इशारा किया की ये चोरी का समान देखो और चोर भी यही कही है. सब ढूढने लगे और मेरे मिलते ही धुनाई शरू कर दी, में कुछ बोलू तो एक के बाद एक बजाना शुरू कर देते. में अपनी बात कह नहीं पा रहा था बस लोगो को ऐसा लग रहा था की ये अपना सहारा गुस्सा मुझ पर ही निकाल रहे थे. सोच रहा था की अपनी बीवी को तो समझ नहीं सकते पर मुझे पर तो सारा गुस्सा निकाला जा रहा था.

 

में भी सोच रहा था की भगवान् कहा फसा दिया अब तो छुड़वा दो और कितनी कसर बाकी है. और पीटने में , शायद मारने वाले थक चुके थे और अब में इस काबिल नहीं था की कुछ बोल पाऊ. उसमे से एक ने कहा की इसी और मारते है. ये चोरी करना ही भूल जाए. एक ने कहा की इसके पैर की मरमत की जाये क्योकि जब ये भागते है तो पकड़ में भी नहीं आते है. सुच में इन्होंने तो सबका जिन ही हराम कर रखा है.  इतने मैं राम बाबु आ जाते है और पूछते है की ये सब क्या हो रहा है. और ये लोग हमारे घर में क्या कर रहे है.

 

funny hindi story, इतने में उनकी नज़र मुझ पर पड़ी और वो मुझे पहचान गए और बोले आप कहा गिर के आ रहे हो , अरे भाई में गिरा नहीं गिराया  गया हू, किसने गिरया आपको ,अरे गिरया नहीं पीटा गया है मुझे चोर समझके,फिर राम बाबू ने माफ़ी मागी और सब अपने घर चले गए.और फिर सारी बात बात बताई और सारी बात सुनकर राम बाबू ने फिर माफ़ी मांगी और कहा की हमारी बेल्ल खराब है और इसलिए आपको तकलीफ हुई.फिर अगले दिन शाम जी अपने घर लोट गए शायद अब कभी किसी के घर बिन बताये नहीं जायेंगे.

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