सही निर्णय की कहानी, amazing stories in hindi

Amazing stories in hindi

जिंदगी में बहुत बार हमे कई फैसले लेने पड़ते है लेकिन अगर कोई गलत फैसला लेता है तो उसे हमेशा पछताना पड़ता है इसलिए जीवन में सही निर्णय (amazing stories in hindi) लेने से आप सही दिशा में चलते है.

सही निर्णय की कहानी : amazing stories in hindi

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amazing stories in hindi

एक गांव में एक लड़का रहता था उसके पिताजी हमेशा यही सोचा करते थे कि मेरा लड़का बड़ा होकर बहुत ही विद्यमान बने इसलिए उसके पिता ने उसकी परीक्षा के लिए एक साधु महाराज जी के यहां पर भेजने का मन बना लिया था इसलिए उसने अपने लड़के से कहा कि अभी तुम्हारी उम्र ज्यादा नहीं है मैं तुम्हारी विद्या को किसी साधु महाराज जी के पास ग्रहण करने के लिए एक अच्छा विचार बनाया है

 

लड़के ने कहा कि पिताजी आप जो चाहे वैसा कर सकते हैं लड़के ने विद्या ग्रहण करने के लिए साधु महाराज जी के पास भेजा गया उसके बाद साधु महाराज जी के पास जब वह लड़का गया तो साधु महाराज जी से पूछने लगा कि आप सभी शिष्यों को यहीं पर ही विद्या प्रदान करनी हैं साधु महाराज जी ने कहा कि मैं यहीं पर ही सबको सिखाता हूं उसके बाद साधु महाराज जी ने कहा कि मुझे तुम्हारी परीक्षा किस प्रकार लेनी है यह विचार करने के लिए तुम्हारी इच्छा का जानना बहुत जरूरी है

 

तुम्हें मुझे अपनी इच्छा बतानी होगी तभी हम आगे की पढ़ाई शुरू करेंगे महाराज जी ने उससे पूछा कि तुम क्या बनना चाहते हो तब लड़के ने बताया है कि मैं वीर योद्धा बनना चाहता हूं तभी साधु महाराज जी ने कहा कि वीर योद्धा दोनों ही अलग हैं तुम्हें इन में से किसी एक का चयन करना होगा मैं तुम्हें पहले समझा देता हूं कि इनका चयन करने से पहले यह होता क्या है महाराज जी ने कहा है कि योद्धा वह होता है जो शस्त्र विद्याओं को सीखता है उनका अभ्यास करता है घुड़सवारी सीखता है यही सब योद्धा के गुण हैं

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लेकिन अगर तुम वीर बनना चाहते हो तो तुम्हें अपने मन को मित्रता के भाव से लेना होगा सभी से मित्रता करनी होगी और बहुत ही सोच समझकर फैसले लेने होंगे जिसमें तुम्हारी बुद्धि का होना बहुत ही आवश्यक है लड़के को साधु महाराज जी की बात समझ में नहीं आ रही थी इसलिए वह बीच में ही पढ़ाई को छोड़कर अपने घर पर वापस आ गया और उसने सारी बात अपने पिताजी को बताई फिर उसके पिता जी ने उसे समझाने के लिए एक योजना बनाई उसके पिताजी और वह लड़का 1 दिन जंगल के रास्ते से जा रहे थे काफी अंधेरा होने के कारण वह एक स्थान पर रुके वहां पर रुकने के बाद तो उसके पिताजी ने एक अंगूठी जिसमें हीरा लगा हुआ था नीचे गिरा दिया और वह नीचे गिरते ही मिट्टी में अंदर चली गई

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जब अंगूठी मिट्टी में चली गई तब उसके पिताजी ने कहा कि अब हम क्या करें मेरी अंगूठी गिर गई है तो लड़के ने वह सारी मिट्टी जहां पर अंगूठी गिरी थी उठाकर अपने पास रख लिया और घर चल दिए जब घर पर पहुंचे तो लड़के ने मिट्टी को साफ किया और पिताजी की अंगूठी निकाल कर दे दि

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 तभी पिताजी बोले कि जिस तरह मिट्टी में से अंगूठी को निकालने के लिए तुम्हें सारी मिट्टी उठाकर लानी पड़ी उसी तरह मित्रता का का आभास होता है वह भी चारों और फैली रहती है जितनी तुम मित्रता करोगे उतना ही अच्छा होगा सभी लोगों से मित्रता बनाने की आदत तुम्हें बहुत अच्छी लगेगी लड़के ने अपने पिताजी की बात सुनी साधु महाराज जी के यहां पर विद्या ग्रहण करने के लिए चला गया.

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2 thoughts on “सही निर्णय की कहानी, amazing stories in hindi”

  1. Ankit Tripathi

    सर मेरा नाम अंकित त्रिपाठी है मेरी शादी हो चुकी है मेरे पास एक बच्चा भी है 1 साल का इसके पहले मैं मेरी पढ़ाई मुंबई से अपनी बुआ फूफा के पास से किया मेरे मम्मी पापा कोई नहीं है तो शादी के बाद मैं बुआ के यहां पर 1 साल अपनी बीवी को लेकर रहता था अचानक से कुछ प्रॉब्लम है जिसके कारण मुझे उनका घर छोड़ना पड़ा और फिर मैं वहां पर नहीं जाने का फैसला किया उसके वजह से फूफा और बुआ ने मुझे उल्टा सीधा बहुत कुछ सुनाया और फिर अब उन्हें काम पड़ा तो अपने बिजनेस में हाथ बंटाने के लिए मुझे फिर बुलाने लगे मैं समझ नहीं पा रहा हूं वहां पर जाओ यहां जो मैं काम कर रहा हूं वही करूं कृपया मुझे कुछ सलाह दीजिए

    1. duniahub

      आप जो भी काम कर रहे है उसमे अगर आप खुश है तो आपको नहीं जाना चाहिए क्योकि जो बात पहले हो चुकी है वह फिर से भी हो सकती है, अगर आपका काम अच्छा नहीं चल पा रहा है तो आपको अपने परिवार में एक बार जरूर बात करनी होंगी, उसके बाद ही निर्णय लेना चाहिए.

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