Horror story in hindi | Bhoot bangla story
Horror story in hindi and bhoot bangla story, उस हवेली में ऐसा क्या था पहले कोई भी नहीं जानता था जब तक उनके सामने कोई नहीं आया था जब कोई आया तो उन्हें पता चल गया था की कोई यहां पर अभी भी रहता है.
उस हवेली का सच कहानी : horror story in hindi
आपको यहां पर डर नहीं लगता है, क्योकि आप यहां पर अकेले रहते है, में भी हर रोज सुबह यहां पर आता हु और रात को चला जाता हु, रात भर आप यहां पर अकेले रहते है आपको देखकर बहुत दुःख होता है रामलाल तुम्हे लगता है की में यहां पर अकेला रहता हु, इतनी बड़ी हवेली है मगर यहां पर कोई नहीं है क्योकि कोई भी यहां पर रहना नहीं चाहता है शायद रामलाल तुम्हे पूरी बात पता नहीं है, इसलिए तुम ऐसा सोचते हो, एक ही बेटा है मगर वह भी अपनी पत्नी के साथ शहर में रहता है

उसे यहां पर आना भी पसंद नहीं है क्योकि वह इस जगह को अच्छा नहीं मानता है मेने उससे बहुत बार यह कहा था की तुम्हे यहां पर आकर रहना चाहिए, लेकिन उसका जवाब यही है की हम वह अपर नहीं आ सकते है अगर आपको यहां पर आना है तो आप हमारे साथ में रह सकते है मगर रामलाल मुझे शहर अच्छा नहीं लगता है और अब बुढ़ापा भी आ गया है शहर में भीड़ बहुत अधिक होती है इसलिए मेरा मन नहीं लगता है, इसलिए वहा पर नहीं जाता हु मेने उनसे कल ही बात की थी
अब वह मेरी बात मान गए है और कल की गाडी से यहां पर आ रहे है वह कुछ दिन तक मेरे साथ में रहेंगे तो मन भी अच्छा हो जाएगा रामलाल कहता है की यह तो बहुत अच्छी बात है कम से कम आपका मन तो लग जाएगा यही सोचकर तो आज में बहुत खुश हु तुम ऐसा करना की कल सुबह जल्दी आ जाना और हवेली की सफाई बहुत अच्छी तरह से कर देना जिससे यहां पर सफाई भी हो जायेगी क्योकि यह अपर बहुत धूल भी जम गयी है रामलाल कहता है की आप बिक्लुल भी चिंता न करे,
में कल जल्दी ही आ जाता हु, यह कहकर रामलाल हवेली से चला जाता है आज शायद नींद भी नहीं आएगी क्योकि कल मेरे बेटा आ रहा है और बहुत साल बाद वह मुझे से मिलेगा, काफी समय हो गया है वह यह अपर आया ही नहीं, इस तरह की बाते सोचकर वह आराम कर रहे थे कुछ बाते जीवन में सिर्फ सोच पर ही होती है उनका कोई अस्तित्व नहीं होता है लेकिन हम सोचते जरूर है, बातो को ध्यान करते हुए कब सुबह हो गयी थी पता ही नहीं चला था उधर रामलाल भी आ गया था
जो समय बताया था उसी वक़्त वह आ गया था रामलाल पहले उनका नाश्ता बनाता है, और फिर काम में लग जाता है वह पूछता है की बाबूजी वह कितने बजे तक आयंगे बाबूजी कहते है की दोपहर तक आ जायँगे तुम अपना काम करके उनके लिए भोजन भी तैयार करना है, रामलाल कहता है की आप चिंता न करे सब कुछ हो जाएगा, कुछ देर बाद ही दोपहर भी हो गयी थी मगर अभी तक वह क्यों नहीं आये थे उन्हें आ जाना चाहिए था रामलाल कहता है की आप चिंता न करे वह आ जायँगे आपको तो बहुत फ़िक्र लगी रहती है
आपका मन लग जाए इसलिए आप मुझे कल की बात जरूर बताये कल में घर चला गया था आप कुछ बता रहे थे की आपके बेटे यहां पर क्यों नहीं आना चाहते है बाबूजी कहते है, की तुम्हे पता नहीं है यह बता लगभग बीस साल पहले की होगी, इस हवेली पर शाप लगा था की यहां पर कोई भी परिवार नहीं रह सकता है जबकि मुझे लगता था की यह बात सही नहीं है लेकिन मेरी पत्नी नहीं मानी थी उसने बेटे को सभी बाते बता दी थी उसके बाद वह शहर चला गया था
वह उसे ही दिखाई देता है एक कहानी
उसके बाद वह कभी यहां पर नहीं आया था, रामलाल कहता है की यह किस तरह का शाप था आपको कुछ पता है मुझे पता है यहां पर पास में ही कोई काले जादू के मंत्र का प्रयोग करता था जब गाव वालो ने उसे पकड़ लिया तो यह बात हमारे सामने आयी थी उसे सजा मिली थी उसके बाद उस काले जादू करने वाले ने कहा था की तुम्हारे परिवार में कोई भी सुखी नहीं रहेगा अगर वह साथ में रहता है, तो कोई भी नहीं बचेगा, मुझे इस बात पर यकीन नहीं था मगर मेरी पत्नी इस बता से डर गयी थी
उसी दिन अपने लड़के को शहर भेज दिया था वह भी साथ में वही चली गयी थी मगर यहां पर कोई नहीं होगा तो यह बात अच्छी नहीं होगी इसलिए यहां पर किसी का रहना जरुरी था रामलाल कहता है की इसलिए आप यह अपर रुक गए है, हां तुम सही कहते हो, यही बात है मगर रामलाल उन्हें आ जाना चाहिए था अभी तक वह नहीं पहुंचे है रामलाल कहता है की आपने नाम लिया और वह सभी लोग आ गए है कार रुक गयी थी और सभी लोग बाहर आये थे बहुत साल बाद वह लोग यह पर आये थे
सभी अंदर चले गए थे बाबूजी आज बहुत खुश लग रहे थे, सभी ने खाना खाया था उनके बेटे के साथ उनका लड़का और छोटी लड़की पत्नी भी साथ में आये थे सभी को देखकर आज बहुत अच्छा लग रहा था सभी के साथ समय बिताया गया था और शाम हो गयी थी जब शाम हुई तो सभी ने खाना खाया और कुछ देर बाद रामलाल भी घर चला गया था जब रात हुई तो छोटे लड़के को प्यास भी लगी थी वह उठा और अपनी माता से पानी माँगा था मगर शायद उन्हें सफर करके नींद आ गयी थी इसलिए वह नींद से नहीं जागी थी, लड़के ने सोचा की वह अपने आप ही पानी ले लेगा,
वह पानी लेने गया तो उसे कुछ नज़र आया था वह रसोई में गया था रसोई की छत पर कोई चल रहा था वह कोई महिला लग रही थी उसके बाल निचे गिरे हुए थे वह डर गया था और उसने आवाज लगायी थी आवाज सुनकर बाबूजी रसोई में आ गए थे उससे पूछा गया की तुम डर क्यों गए थे उसने ऊपर दिखाया तो वह महिला वही पर थी उसे देखकर वह भी डर गए थे और बाहर की और भागे थे, आवाज सुनकर लड़का भी उठ गया था उसने पूछा की आप कहा अजा रहे है पिताजी ने बताया की बेटा अपनी कार निकालो,
उसके बाद सभी लोग शहर चले गए थे रास्ते में सब कुछ अपने बेटे को बताया था की क्या हुआ था जब बेटे ने सब कुछ सुन लिया तो वह समझ गया था की माँ क्यों मना करती थी मगर आज तक ऐसा नहीं हुआ था आज जब पहली बार ऐसा देखा तो उस जगह पर रुकना जरुरी नहीं था कुछ बाते जब सामने आती है तो उनका पता चलता है नहीं तो सब झूट ही लगती है, उस हवेली का सच कहानी, horror story in hindi, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आगे भी शेयर कर सकते है
एक सुनसान हवेली की कहानी – Bhoot bangla story
यह बात उस समय की है, जब मोहन अपने गांव वापिस आ रहा था. उसका गांव शहर से काफी दूर था, इसलिए वह अपनी बाइक से गांव जा रहा था, मगर रास्ते में उसकी बाइक रुक गयी थी, वह स्टार्ट नहीं हो रही थी.
वह देखता है. एक सुनसान हवेली है, वह बहुत समय से बंद पड़ी है. अब तो कोई वहा पर रहता भीनही है. वह उसे देखने जाता है. अभी बाइक बंद हो गयी थी. वह कुछ भी नहीं कर सकता था. उस हवेली को देखने से ही बहुत डर लग रहा था. आज तक वह ऐसी जगह पर नहीं गया था. उसका डर बढ़ता जा रहा था.
वह देखता है. एक कमरा है, जिसमे कोई है. ऐसा लग रहा था. वहा पर कोई है. मगर वह कौन है. जब वह अंदर आया था कोई भी नहीं था. फिर वह कौन हो सकता है. वह उस कमरे की और बढ़ता है. अब तो उसे सुनाई भी दे रहा था., वहा पर कोई किसी से बात कर रहा है. कमरे में रौशनी भी है,
लेकिन जब वह आया था. वहा कोई रौशनी नहीं थी. यह सब क्या हो रहा है. उसे कुछ समझ नहीं आता है. लेकिन जब वह उस कमरे का दरवाजा खोलता है. रॉंची बंद हो जाती है. मगर कमरे में कोई नहीं था. वह आवाज भी अब बंद हो गयी थी. उसक डर बढ़ गया था.
यहां पर कोई नहीं है. वह भागता है. और बहार आकर रुकता है. वह देखता है. फिर से रौशनी उस कमरे में आ रही थी. यह क्या हो रहा है. वह नहीं समझ पाया था. मगर वह अब यहां पर रुकना नहीं चाहता है. वह अपने घर जाना चाहता है. इस बार बाइक स्टार्ट हो गयी थी. वह चला गया था. उस हवेली से बहुत दूर मगर आज भी जब वह यह याद करता है उसे बहुत डर लगता है.
Horror story in hindi and bhoot bangla story, हम इस दुनिया में रहते है. मगर यहां पर क्या क्या हो सकता है. कोई नहीं जानता है. लेकिन कुछ ऐसा भी यहां पर होता है. जो यकीन करने लायक नहीं है. मगर यकीन हो जाता है. अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है. तो शेयर जरूर करे.
Read More horror story in hindi :-
एक भूतिया हवेली की कहानी भाग-2