चार प्रमुख कहानिया, child story in hindi

child story in hindi

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 चार प्रमुख कहानिया

नादानी बच्चो की कहानी

child story in hindi, रानी और राजा दोनो बहन भाई एक घर में रहते थे वही घर की छत पर एक चिड़िया ने अपने घोंसला बनाया हुआ था उस घोंसला में एक चिड़ा और चिड़िया दोनों ही साथ में रहते थे एक दिन चिड़ियां ने बहुत सारे अंडे वहां पर दिए अंडे को देखकर राजा और रानी बड़े खुश हुए



 

 उन्होंने देखा कि आज है चिड़िया ने बहुत सारे अंडे दिए रानी और राजा दोनो यह सोचते थे कि पता नहीं इन अंडे में से चूजो कैसे बाहर निकलेंगे वह किस रंग के होंगे वह क्या खाएंगे किस तरह खेलेंगे वह कब बाहर आएंगे उनमें इस तरह की जिज्ञासा दोनों में पैदा हो रही थी




 दोनों के मन में इतनी जिज्ञासा बढ़ गई थी कि दो-तीन दिन से वह ही बारे में सोचते थे कि चूजो अंडों से बाहर कब आएंगे रानी यही सोचती थी कि एक चिड़िया कितना दाना लेकर आएगी सारे अंडे हैं और सब को कितना खाना खिलाएगी पता नहीं

 

देखा तो कही चूजे मर तो नहीं जाएंगे ऐसी ही बातें दोनों के मन में चल रही थी राजा और रानी के मन में यह सवाल चल रहा था तभी राजा ने कहा कि हम आशा करते हैं कि कुछ दाने चिड़िया के पास रख देंगे जिससे उसे खाना लेने के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ेगा और फिर से चूजे और खाने को आराम से खा लेंगे

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 एक दिन राजा रानी की नजर उसके घोसले पर पड़ी तो गर्मी बहुत तेज भी गर्मी के कारण और घोसले को बहुत तेज धूप आ रही थी तो राजा ने सोचा कि मैं एक टोकरी ले आता हूं पुरानी सी और इनके हाथ में रख देता जिसे यह तेज  गर्मी से बच आएंगे

 

और इस तरह राजा एक पुरानी सी टोकरी  को लेकर आया और अब रानी से कहा कि चलो एक स्टूल ले आओ मैं ऊपर चढ़कर इस टोकरी को साइड में रख दूंगा जिससे उन्हें  गर्मी नहीं लगेगी और राजा ने वह टोकरी एक डंडे से दिखा कर रखनी है और उसी के नीचे सारे अंडे रख दिए और

 

जैसे ही वह टोकरी को रखने लगा तो दोनों चिड़िया वहां से उड़ गई फिर रानी ने कहा कि मुझे भी दिखाओ कि कैसी हैं अंडे और किस रंग के होते हैं यह मुझे भी दिखाओ राजू ने कहा कि तुम छोटी हो वह पर नहीं आ पाएगी

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रानी अपनी जिद पर अड़ी रही और कहा कि मुझे भी देखना है मुझे भी दिखाओ कैसे होते हैं अंडे पर तुम से चूजे बाहर निकल आएंगे और जैसे ही राजा ने रानी को ऊपर पकड़कर चढ़ाया तो टोकरी कई वहां से गिर गई और सारे अंडे फूट गए हो चिड़िया और चिड़ा दोनों ही उड़ गए

 

 थोड़ी देर बाद रानी और राजा की मम्मी आ गई और उन्होंने उसे खूब डांटा कि देखो तुमने क्या कर दिया तुमने अंडे तोड़ दिए हैं यह बहुत ही बड़ा पाप कर दिया है  राजा को बहुत अफसोस हुआ कि मेरी वजह से हुए अंडे सारे टूट गए

 

अब चूजे कहां से आएंगे , चूड़ियां दोनों ही डर के कारण वहां से चले गए और फिर कभी भी वह चिड़िया वहां पर नहीं आए राजा आज भी इस बात को सोच कर रोता होता है कि मेरी वजह से अंडे टूट गए हैं

 

अगर वह न टूटे तो हम उनमें से चूजे निकलते हैं देखते हैं और उनकी देखभाल करते हैं

 

 इसलिए बच्चों ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे सभी को दुख हो और किसी को परेशानी उठानी पड़े आप कोई भी काम कर रहे हैं उसे अपने माता-पिता से पूछने की वह करना है या नहीं करना है तभी आगे उस काम को करें

 

पुजारी का सपना

एक पुजारी एक दिन रात को सोया हुआ था और उसे एक सपना आया कि भगवान ने उन्हें दर्शन दिए और कहा कि आज मैं तुम्हें इतने लड्डू दूंगा कि जिससे तुम्हें पेट भर खाना मिलेगा और बहुत सारे लड्डू कुछ दिनों तक तुम्हारे साथ होंगे और तुम अपना पेट भर सकते हो

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जैसे ही पुजारी की आंखें खुली तो उसने सोचा कि इतने सारे लड्डुओं का मैं क्या करूंगा मैं कितने दिन तक आ सकता हूं तो उसने अपनी कोठी नहीं देखी जिसमें लड्डू भगवान ने कहा था कि होंगे बगैर देखे ही वह गांव को दावत देने के लिए चला गया

 

आज शाम को मैं तुम्हें लड्डू की दावत दूंगा जब पुरे गांव को दावत देखकर पुजारी जी आए कोठी खोली तो देखा तो कुछ भी नहीं है अरे यह कैसे हो गया सिर्फ सपना मेरा सच क्यों नहीं हुआ भगवान ने तो दर्शन दिए थे सपने में कि मैं तुम्हें बहुत सारे लड्डू दूंगा और इसी कारण पूरे गांव को दावत भी दे आया हूं

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उधर शाम को गाव वाले जमा हो गए क्योंकि दावत के लिए पुजारी जी ने कहा था अब दावत केसी जब लड्डू ही नहीं है तो पुजारी ने कहा कि आप सभी इंतजार कीजिए मैं अभी सोता हूं और सिर्फ दोबारा सपना देखता हूं कि शायद इस बार भगवान मेरे कोठी में है  बहुत सारे लड्डू को भर दे

 

दोस्तों सपने भी जरूरी नहीं किसी सच ही हो जाएं इसलिए जो भी निर्णय लें वह बड़ी सोच विचार कर लें

 

दो मूर्ख

दो मूर्ख थे जो कि एक के ब्राह्मण के यहां पर रहते थे ब्राह्मणों की सेवा करते थे ब्राह्मण की सेवा में करते हुए पैरों को दबाते थे और कहते थे कि एक पैर मेरा है और एक पैर तुम्हारा है 

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एक दिन एक मूर्ख  किसी काम से बाहर चला गया अब गुरुजी के पास तो एक ही मुर्ख बैठा अपने काम में लग गया और पैरों को दबाने लगा जैसे ही पैर दबाते दबाते दूसरा पैर गुरु जी का ऊपर आ गया और उसने एक डंडा उठाया और पैर मार दिया और

 

कहां कि मेरा उससे कोई मतलब नहीं है मेरा पैर यही है जब वह दूसरा आएगा वह तुझे दबाएगा तो गुरु जी को बहुत दर्द हुआ, अरे मूर्खो मेरा पैर क्यों तोड़ दिया, मूर्ख कहां की है यह तो मेरा पैर था मैं अपने पैर को दबा रहा हूं दूसरे से मुझे कोई वास्ता नहीं है

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तो ब्राह्मण जी ने कहा कि ऐसा नहीं होता है जब आप एक को चोट पहुंचाते हो तो दूसरे को तकलीफ जरुर होती है इसलिए भगवान के बनाए हुए बंदे इस धरती पर सबसे दूर हैं लेकिन हम अगर एक को चोट पहुंच जाएंगे तो हमें भी दुख ही पहुंचेगा अपना और पराया कुछ नहीं होता है

 

झूटे दोस्त

एक जंगल में एक खरगोश था और उसका मानना था कि अगर हम बहुत सारे मित्र बनाए रखेंगे तो इससे वह हमारी जरूरत पड़ने पर हमारी मदद करेंगे एक दिन उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गया है और वह भागते भागते गाय के पास पहुंचा

 

और कहा कि उन कुत्तों को अपनी सिंह से मार भगाओ तुम मेरे मित्र हो गाय ने कहा कि मुझे तो अपने घर जाना है बहुत सारा काम पड़ा हुआ है बच्चों को दूध पिलाना है मेरे पास तो समय नहीं है

 

दूसरे घोड़े के पास गया और कहा कि मुझे अपनी पीठ पर बैठा दो कुत्ते मेरे पीछे पड़े हुए हैं मुझे कुत्तों से बचा लो पर घोड़े ने कहा कि खुद जाकर मेरी पीठ पर चढ़ जाओ पर खरगोश बहुत छोटा था उसकी पीठ पर ना चढ़ सका और घोड़ा वहां से चला गया

 

फिर वह गधे के पास गया की और कहा कि मुझे कुत्तों से बचा लो तुम तो दुलती मारते हो अगर तुम दुलती मारोगे तो वह कुत्ते यहां से भाग जाएंगे मेरी मदद करो तुम भी मेरे मित्र हो गधे ने कहा कि मैं पहले से ही बहुत लेट हो चुका हूं

 

मुझे घर जाना है मैं अभी तुम्हारी मदद नहीं कर सकता और गधा भी वहां से चला गया खरगोश बकरी के पास गया और कहने लगा कि तुम मेरी मदद करो तुम भी मेरे दोस्तों को बकरी ने कहा चला जा यहां से कभी कुत्ते मुझे खा ना डालें

 

child story in hindi, अब खरगोश समझ चुका था कि कोई मित्र मुसीबत आने पर कभी काम नहीं आता है इसलिए खरगोश पूरी जोर से भागा और जाकर एक झाड़ी में छिप गया इसलिए दोस्तों मुसीबत से निकलने के लिए तो खुद ही मेहनत करनी पड़ेगी दूसरों के सहारे से आप कभी भी मुसीबत से नहीं निकल सकते.

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