बीते हुए पल की कहानी, sad story hindi

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बीते हुए पल की कहानी (sad story hindi) हमे यही बताती है की जीवन में हमे आगे बढ़ना चाहिए, अगर हम पिछली समय के बारे में सोचते है तो इससे हमारे आने वाले समय पर भी प्रभाव पड़ता है.

बीते हुए पल की कहानी : sad story hindi

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वह आदमी अपनी पुरानी यादो में ही खोया रहता था, उसे आने वाले कल की कोई चिंता नहीं थी, क्योकि वह उसके बारे में नहीं सोचा करता था, वह घर में अकेला ही रहता था उसके साथ सिर्फ उसकी दादी माँ ही रहती थी वह भी काफी बूढी हो चुकी थी, दादा माँ उसे हमेशा समझाया करती थी की जो समय बीत गया उसके बारे में सोचकर उदास नहीं होना चाहिए,

 

लेकिन उस पर इस बात का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता था, वह हमेशा अपनी यादो में ही खोया रहता था, एक दिन उनके यहां पर एक आदमी आया और कहने लगा की आप हमारे लिए घर बनाने के लिए एक योजना त्यार कर ले और उस पर काम करे क्योकि हमे अपनी लकड़ियों का मकान बनवाना है अब आपके पिताजी तो है नहीं जो वह काम कर देते मगर और कोई इस काम को नहीं जनता है इसलिए आप ही ऐसा करे,

 

दादी माँ ने अपने पोते को बुलाया और कहा की तुम्हे वह काम कर लेना चाहिए उससे जो भी कमाई होगी उससे हमारा घर खर्च भी चल जाएगा अपनी दादी माँ की बातो को वह मान गया था और उस आदमी से कहने लगा की कल से में आपके यहां पर काम शुरू कर दूंगा उसके बाद वह आदमी चला गया था दादी माँ आयी और कहने लगी की तुम्हे अपने काम में मन लगाना चाहिए इससे तुम पुरानी बातो को भुला सकते है वह बोला की जो बीत गया है उसके सहारे जिंदगी कट जायेगी,

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यह सुनकर दादी माँ की आँखों में आंसू आ गए थे, क्योकि वह उसे परेशान नहीं होने देना चाहती थी मगर अब वह क्या कर सकती है, समय के आगे कुछ भी नहीं हो सकता है हमे उसके आगे झुकना ही पड़ता है दादी माँ ने कहा की अब मेरी जिंदगी इतनी नहीं बची है में बहुत बूढी हो चुकी हु मेरे बाद तुम्हारा क्या होगा, तुम अपना ध्यान कब रखोगे तुम्हे अभी से सब कुछ सोचना होगा जिंदगी अकेले कैसे कटेगी,    

 

अगली सुबह होते ही वह आदमी काम पर चला गया था जबकि उसका मन नहीं था मगर अपनी दादी माँ के कहने पर वह चला गया था पुरे दिन भर वह काम में लगा रहा फिर जब शाम हो गयी तो वह घर वापिस आ गया था दादी माँ ने कहा की आज काम केसा रहा मगर उसके सामने तो वही पुरानी यादे फिर से लोट आयी थी, दादी माँ क्या पूछ रही थी उसे यह भी ध्यान नहीं था

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वह काम तो कर आया था मगर उसका मन नहीं था वह और क्या कर सकता था उसे कुछ भी सूझ नहीं रहा था उसने खाना खाया और सोने जाने लगा था सुबह हुई और वह फिर से अपने काम पर चला गया था इस तरह वह हर रोज काम पर जाया करता था और शाम को घर वापिस आता था दादी माँ भी घर में अकेले ही रहती थी, उसका मन भी नहीं लग रहा था उसका पोता सुबह जाकर शाम को ही घर आता था वह भी घर में अकेले ही रहती थी

 

एक दिन उसका पोता घर आया और कहने लगा की उस आदमी का घर बन चूका है अब वहा का  काम खत्म हो गया है इसलिए अब मुझे वहा नहीं जाना होगा दादी ने कहा की मुझे भी अब महसूस हुआ की जब कोई भी घर में नहीं होता है तो केसा लगता है घर भी ऐसा लगता है की यहां पर कोई भी नहीं है यहां पर डर का आभास होता है दादी की बाते वह समझ रहा था, लेकिन वह कुछ भी नहीं कर सकता था

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दादी ने कहा की तुम उन बातो को सोचते हो जो तुम्हारे साथ घटित हुई है उसका प्रभाव हमारे जीवन पर बहुत गहरा पड़ा है उसके बाद सब कुछ समाप्त हो गया था उस दिन से आज तक हम दोनों ही यहां पर अकेले है,  यह सब समय का खेल है और यह हमारे हाथ में नहीं है जिससे हम इसका रास्ता बदल दे हम सिर्फ सह सकते है और कुछ भी नहीं कर सकते है, एक दिन ऐसा भी आएगा जब मुझे भी जाना होगा बेटा उस दिन तुम अपने आपको अकेला मत समझना में हमेशा तुम्हारे साथ हु, 

 

दोनों बाते करते हुए सो गए थे जब सुबह हुई तो उनके यहां पर एक आदमी काफी दूर से आया था उसे वहा पर आये काफी साल हो गए थे, जब वह आया तो उसने देखा की घर में सिर्फ दादी और उसका पोता ही है ऐसा क्या हुआ की वह सब अकेले है तब दादी ने पूरी बात उन्हें बताई और कहा जब तुम शादी में नहीं आये थे इसलिए तुम्हे पता नहीं है यह बात उस दिन की है जब मेरे पोते की शादी हुई थी,

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वह अगला दिन था सभी लोग अपने काम में लगे हुए थे, पता नहीं कैसे बिजली के तारे में आग लग गयी थी और सब कुछ समाप्त हो गया था तब से में और मेरा पोता ही रहते है और अकेले ही रह रहे है उनकी बात को सुनकर वह आदमी भी थोड़ा उदास हो गया था यह सब समय ही करता है और कोई उसके बारे में सोच भी नहीं सकता है

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जब शाम हुई तो वह आदमी भी जाने लगा था और उसने कहा की अगर तुम मेरे कोई भी जरूरत हो तो बता देना अब में भी तुम्हारे साथ में हु, यह कहकर वह चला गया था उसके बाद यह वाक्य सुनकर उसका पोता फिर से उदास हो गया था और दादी और पोता फिर से उसी पल में लोट गए थे जिससे वह बचना चाहते है समय बहुत ही बड़ा होता है उसके आगे सब कुछ बेकार है हमे आने वाले पल के बारे में सोचना चाहिए अगर हम पिछली बातो में लगे रहेंगे तो कुछ भी नहीं होगा

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