ट्रैन की दो हिंदी कहानी, story in hindi

Story in hindi | Hindi stories 

Story in hindi, हम एक दूसरे से कभी नहीं मिले थे, ट्रैन आयी और रुकी तभी ट्रैन में चढ़े और अपनी सीट ली बैठ गए, हमारी सामने वाली सीट अभी तक खली थी, वहा अभी कोई आया नहीं था, अभी ट्रैन को चलने में थोड़ा समय था, हो सकता था तब तक कोई वहा पर आ जाए, ट्रैन चलने का समय हो गया था, पर कोई लग नहीं रहा था की आने वाला है,

ट्रैन की दो हिंदी कहानी : story in hindi

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Story in hindi, hindi stories, तभी एक आदमी सामने वाली सीट पर बैठ गया था, हम दोनों के बीच में कुछ बाते शुरू हो गयी थी,  कुछ देर तक बाते हुए और हमारा परिचय भी हो गया था, बातो-बातो में पता चला की यह तो हमारे ही गांव के है, अब तक हम एक दूसरे को जानते भी नहीं थे, और कुछ ही पल में पहचान से पता चल गया था,

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हमे गांव को छोड़े हुए काफी समय हो गया था, और गांव में जाना भी बहुत कम होता था, इसलिए कभी देखा नहीं था, वो पहली बार शहर आये थे, और अब गांव की और जा रहे थे, हम भी गांव ही जा रहे थे, अकेले सफर भी करना बहुत मुश्किल है, अगर दो लोग हो तो सफर भी कट जाता है, और पता भी नहीं चलता है,

कुछ भी नहीं है एक कहानी

हम दोनों के बीच काफी बाते हुई और सफर भी खत्म होने वाला था, गांव अब थोड़ा ही रह गया था, ट्रैन अपने स्टेशन पर रुकी और हम दोनों उतर गए, उतर कर हम साथ ही चलने लगे, साथ ही गांव पहुंचे और जब शाम हो गयी तो हम उनसे मिलने गए और कुछ बाते हुए, वह अपने बेटे के यहां पर गए थे और कुछ दिन शहर में रुककर आये थे, कभी-कभी अनजान सफर भी बहुत अच्छा लगता है, और हमेशा याद रहता है,

 

ट्रैन से गांव का सफर हिंदी कहानी :- Hindi stories

Story in hindi, hindi stories, मेरा दोस्त इंतज़ार कर रहा था में उसके गांव में पहली बार ट्रैन से आया था, मुझे नहीं पता था, वह मेरा किस जगह पर इंतज़ार कर रहा था, वह मुझे लेने आया था, उसकी नज़र मुझज पर गयी थी, उस जगह का वह ट्रैन स्टेशन बहुत पुराना था, क्योकि उस स्टेशन से एक गांव लगा था, वह तरीन कुछ देर उस जगह पर रूकती है, फिर वह चलती है, उसके बाद मेरा दोस्त मुझे अपने गांव में ले जा रहा था तभी हमे एक छोटा लड़का मिलता है,

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वह हम दोनों को देखकर हमारे पास आता है मगर मेरा दोस्त कहता है की तुम्हे हमारे पास नहीं आना चाहिए, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, क्योकि वह छोटा लड़का खाने को मांग रहा था, मेरे पैसा कुछ खाना था वह मेने देना चाहा था but मेरा दोस्त कहता है, तुम्हे यह सब नहीं करना चाहिए क्योकि यह हर रोज खाना मांगता है, इसलिए तुम्हे खाना नहीं देना चाहिए, but मेरे मन में एक सवाल आता है, जब कोई भी भूखा रहता है, तो उसे खाना देना चाहिए, मगर यहां पर तो बात ही कुछ अलग है, उसके बाद वह लड़का चला जाता है,

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हम दोनों घर पहुंच जाते है, मगर वह बात मुझे याद आ रही थी, वह लड़का भूखा रहता है, क्योकि इसलिए वह खाना मांग रहा है, but मेरे दोस्त ने ऐसा क्यों किया था, यह सवाल भी मन में था, कुछ समय बाद हम दोनों आराम करते है, वह अपने गांव के बारे में मुझे बताता है मुझे गांव में जाना अच्छा लगता है क्योकि शहर में ही वक़्त गुजर जाता है, कुछ समय बाद वह सवाल मेने अपने दोस्त से पूछा था तुमने मुझे खाना देने से क्यों मना किया था, वह कहता है की यह तो हर रोज मांगता है इसलिए तुम्हे नहीं लगता है की हमे उसे कुछ देना चाहिए,

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मेरे पास इस सवाल का एक ही जवाब था की जो भी भूखा नज़र आता है उसे खाना देना चाहिए, क्योकि हमे यह सोचना है की उसे खाने की जरूरत है, तभी वह हमसे खाना मांग रहा है, हमे इस बात से कोई मतलब नहीं है, वह हमारे पास एक बार आता है या बार बार आता है, शायद मुझे लगा रहा था की उसे बात समझ आ गयी है, जीवन बातें छोटी या बड़ी कोई भी हो सकती है, but उनका समाधान होना बहुत जरुरी है, अगर आपको यह दोनों कहानी, Story in hindi, hindi stories पसंद आयी है, तो शेयर करे

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