कुछ समय का प्यार कहानी, love story in hindi

love story in hindi

कुछ समय का प्यार कहानी, love story in hindi, यह कहानी आपको पसंद आएगी, क्योकि जब किसी को यह पता नहीं चल पाता है की उसे प्यार है या नहीं, तो उसे पता करना चाहिए, तभी आगे सोचना चाहिए

कुछ समय का प्यार कहानी : love story in hindi

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love story in hindi

नरेश को ऐसा लगता था की शायद उसे पता नहीं होगा, क्योकि उसने कभी भी बात नहीं की थी, उसे बात करने का मौका नहीं मिल रहा था, जबकि वह कुछ ही दूरी पर रहते थे, जब भी वह कुछ सामान लेने जाया करती थी तो वह भी सामान के बहाने चला जाता था मगर उसने कभी भी बात नहीं की थी, उसे भी यही डर लगता था की कही उसका व्यवहार उसे पसंद नहीं आया तो क्या होगा, इसलिए वह उससे बात नहीं कर पाता था. ऐसा चलते हुए लगभग दो महीने हो चुके थे, यह जब शरू हुआ था जब पहली बार वह सामने के मकान में आये थे,

 

वह किसी दूसरे शहर से यहां पर आये थे, शायद उसके पिताजी का तबादला हुआ था, जिससे वह इस शहर में आ गए थे, जब वह आये थे तो नरेश को इस बारे में पता नहीं था क्योकि वह अपने कॉलेज गया हुआ था, जब वह वापिस आया था तो उसने देखा की कोई सामने वाले घर में आया है, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया था जब सुबह हुई तो उसे पता चला की सामने कोई परिवार आया है जिसमे एक लड़की और उसका छोटा भाई है, साथ में दोनों माता-पिता है तब से नरेश को पता चला था,

 

कुछ दिन तक वह उस लड़की को देखता था मगर उससे बात नहीं की थी, नरेश को पता भी नहीं चला की कब उसे प्यार हो गया था, जब उसे इस बात का अहसास हुआ था तब उसे पता चल गया था मगर वह यही नहीं जानता था की वह लड़की उसे पसंद करती भी है या नहीं, क्योकि जब उसे पता नहीं चलता है तो वह कैसे आगे बात कर सकता है इस बारे में वह बहुत परेशान था इसलिए अपने दोस्त से मिलने के लिए चला गया था,

 

जब वह अपने दोस्त के पास गया तो उसने कहा की मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा है में उसे रोज देखता हु मगर उसके मन में क्या है यह मुझे नहीं पता है, क्योकि अगर वह मेरे बारे में कुछ नहीं सोचती है तो यह बात अच्छी नहीं होगी, क्योकि इससे मुझे परेशानी होगी, कुछ भी ऐसा उपाए बताओ की मुझे पता चल पाए, उसके दोस्त ने कहा की देखो इस बारे में जब तक उससे बात नहीं होती है तब तक कुछ पता नहीं चल पाता है, क्योकि जब तुमने कभी एक दूसरे से बात नहीं की है, तब तक कैसे पता चलेगा, की क्या हो रहा है,

 

नरेश ने कहा की इस तरह तो मेरी परेशानी बढ़ती जा रही है, मुझे पता नहीं है की वह मेरे बारे में क्या सोचती है अगर वह कुछ भी नहीं सोचती है तो , मुझे कुछ भी पता नहीं चल पायेगा, जब तक पता नहीं चलेगा तब तक परेशानी होती रहेगी, उसके दोस्त ने कहा की यह तुम्हे लगता है मान लो की वह कुछ भी नहीं चाहती है उसे किसी भी बात से कोई मतलब नहीं है तब तुम क्या कर पाओगे, यह तुमने सोचा है, क्योकि तुम अपनी तरफ से यह सब सोच रहे हो, उससे टोम्तुमने अभी तक भी पूछा नहीं है    

 

जब तक तुम बात नहीं करते हो तब तक तुम्हे पता नहीं होगा, इसलिए पहले बात कर लो ज्यादा अच्छा होगा, क्योकि अगर बात नहीं की, और आगे कुछ होता है तो तुम्हे बहुत दुःख होगा, इसलिए साफ़-साफ़ बात करना अच्छा होता है, अगर तुम यह करते हो तो बहुत अच्छा हो जाएगा, तुम्हे पता भी चल जाएगा.  यह परेशानी भी कम हो जायेगी, अपने दोस्त की बात सुनकर उसे अच्छा लग रहा था क्योकि वह बहुत दिनों से परेशान था, एक बार बात हो जायेगी तो सब कुछ पता चल जाएगा, इसलिए वह बात करने की जगह देख रहा था,

 

जब उसने देखा की वह लड़ी सामने के घर से बाहर जा रही है तो नरेश भी उसके पीछे जाने लगा था, क्योकि वह सब कुछ जानना चाहता था, जब उस लड़की ने देखा की नरेश आवाज लगा रहा है तो वह बहुत तेजी से आगे बढ़ने लगी थी लेकिन वह तो उससे बात करना चाहता था वह भाग क्यों रही है उसे पता नहीं था उस दिन बात नहीं हो पायी थी, मगर अगले दिन नरेश उसका इंतज़ार कर रहा था जिसे ही वह आ जाए तो वह उससे बात कर सके जैसे ही वह आयी नरेश ने पूछा की क्या तुम मुझसे प्यार करती हो, 

 

उस लड़की ने मना कर दिया था और उसके बाद नरेश वहा से चला गया था फिर वह काफी दिन से उस तरफ भी नहीं गया था जी जगह पर वह लड़की जाया करती थी क्योकि नरेश को जब यह पता चल गया था की वह उससे प्यार नहीं करती है तो वह बहुत उदास हो गया था दो दिन बाद उसका दोस्त घर पर आया था यह पूछने के लिए की उसने क्या जवाब दिया है जब वह मिलने आया तो कहने लगा की उस दिन तुमने उससे बात की थी, क्योकि मुझे पता नहीं है की क्या हुआ होगा,

 

नरेश ने कहा की उसने मना कर दिया है, मुझे बहुत दुःख पहुंचा है क्योकि उसने कहा की उसकी शादी होने वाली है इसलिए वह ऐसा कुछ भी नहीं करेगी, जिससे किसी को दुःख पहुंचे, उसके दोस्त ने कहा की जब पता चल ही गया है तो सोचना क्या, अब तुम्हे इस बारे में कुछ भी नहीं सोचना है मगर नरेश ने कहा की मुझे उससे प्यार हो गया था मगर इन सब का अब कुछ भी फायदा नहीं होगा, उस दिन के बाद नरेश ने सोचना छोड़ दिया था

 

मगर यहां पर बात यह ध्यान देने की है जब कोई आपको समझ नहीं सकता है तो ज्यादा सोचना बेकार है, आप यह सब जानते है, मगर सोचते नहीं है, इसलिए अच्छा सोचो और जीवन में अच्छा करो, कुछ समय का प्यार कहानी, love story in hindi, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये,

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