जैसी करनी वैसी भरनी हिंदी कहानी, hindi kahania

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Hindi kahania, मैं आज आपको एक ऐसे पक्षी की कहानी सुनाने जा रहा हु, जिसने अपने मतलब के लिए एक दूसरे पक्षी से दोस्ती की ताकि वो आराम से उसके साथ रहकर अपने जीवन को सुखद बना सके. लेकिन उसे क्या पता था की जैसा आप काम करते हो , आपको “फल भी वैसा” ही मिलता है.

 जैसी करनी वैसी भरनी हिंदी कहानी :- Hindi kahania

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तो आए देखते है की कैसे उस “पक्षी” को उसकी किये की सजा मिली. एक शहर मैं बिज़नेस मैन रहता था, उसके घर मैं कोयल का एक घोसला भी था और वो भी किचिन मैं. एक दिन एक लालची गिद्ध जो है वो उधर से आ निकला वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया .

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तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस किचिन में घुसना चाहिए लेकिन कैसे घुसू ये सोचकर वो परेशान था. तभी उसकी नजर वो “कोयल” के घोंसले पर पड़ी . उसने सोचा कि मैं अगर कोयल से दोस्ती कर लूँ तो शायद मेरी बात बन जाएँ . “कोयल” जब दाना चुगने के लिए बाहर निकली है तो गिद्ध उसके साथ साथ निकलता है . थोड़ी देर बाद कोयल ने पीछे मुड़कर देखा कि गिद्ध उसके पीछे है. इस पर कोयल ने “गिद्ध” से कहा भाई तुम मेरे पीछे क्यों हो, इस पर “गिद्ध” ने कोयल से कहा कि तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ. इस पर गिद्ध से कोयल ने कहा कि हम कैसे दोस्त बन सकते है हमारा और तुम्हारा भोजन भी तो अलग अलग है मैं बीज खाता हूँ और तुम मांस .

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इस पर “गिद्ध” ने चापलूसी दिखाते हुए कहा , कौन सी बड़ी बात है मेरे पास घर नहीं है. इसलिए हम साथ साथ तो रह ही सकते है , और साथ ही भोजन खोजने आया करेंगे तुम अपना और मैं अपना . इस पर घर के मालिक ने देखा कि कोयल के साथ एक गिद्ध भी है तो उसने सोचा कि चलो कोयल का दोस्त होगा , इसलिए उसने उस बारे में अधिक नहीं सोचा . अगले दिन कोयल खाना खोजने के लिए साथ चलने को कहता है तो “गिद्ध” ने दर्द का बहाना बना कर मना कर दिया . इस पर “कोयल” अकेला ही चला गया, क्योंकि गिद्ध ने घर के मालिक को यह कहते हुए सुना था. नौकर को कि आज कुछ मेहमान आ रहे है इसलिए तुम मछली बना लेना .

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उधर “गिद्ध” नौकर के रसोई से बाहर निकलने का इन्तजार ही कर रहा था कि उसके जाते ही “गिद्ध” ने थाली और झपटा और मछली उठाकर आराम से खाने लगा . नौकर जब वापिस आया तो गिद्ध को मछली खाते देख गुस्से से भर गया और उसने गिद्ध को पकड़ कर गर्दन मरोड़ कर मार डाला . जब शाम में कोयल वापिस आया तो उसने “गिद्ध” की हालत देखी तो सारी बात समझ गया . इसलिए बुजुर्गो का ये कहना सत्य है की जो जैसा करता है वो वैसा ही भरता है. इसलिए हमे सदा ही सही काम करने चाहिए, कभी भी हमे गलत काम नहीं करने चाहिए.

 

जैसा हम करते है वैसा ही हमे मिलता है हिंदी कहानी :- hindi kahania

यह कहानी हमें यही बताती है कि जैसा हम करते हैं वैसा” ही हमें मिलता है लोमड़ी ने सोचा अगर उसे आज अच्छा शिकार मिल जाता है तो उसके लिए आज दावत बन जाएगी लेकिन एक अच्छा शिकार मिलना आसान नहीं था “लोमड़ी” चारों तरफ अपने शिकार की तलाश कर रही थी लेकिन उसे अभी तक कोई भी शिकार नहीं मिल रहा “लोमड़ी” ने सोचा कि लगता है आज मुझे भूखा ही रहना पड़ेगा

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इसलिए वह एक योजना बनाती है जिसकी वजह से शायद उसे वह शिकार मिल सकता है “लोमड़ी” भालू के पास जाती है और कहती है कि आप बहुत ही ताकतवर हैं आप सब कुछ कर सकते हैं अगर हमारी दोस्ती हो जाए तो हम मिलकर भोजन कर सकते हैं और हमें खाने के समस्या भी नहीं होगी “भालू” कहता है कि मुझे तुमसे दोस्ती नहीं करनी है उसे “लोमड़ी” समझाती है कि तुम्हें कोई भी काम करने की जरूरत नहीं है तुम आराम करना और तुम्हें यहीं पर ही भोजन मिल जाएगा

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तुम्हें भोजन की तलाश में कहीं भी नहीं जाना पड़ेगा यह सुनकर “भालू” को थोड़ा यकीन हो गया था कि शायद वह “लोमड़ी” उसकी मदद कर रही है इसलिए भालू तैयार हो जाता है लेकिन यह कोई भी नहीं जानता है कि “लोमड़ी” के दिमाग में क्या चल रहा है वह क्या सोच रही है “भालू” का वह साथ क्यों लेना चाहती है इस बारे में भालू को कोई भी जानकारी नहीं थी वह “भालू” की गुफा के पास जाती है और कहती है कि आज आप हमारे साथ चलिए और हम दोनों साथ में घूमेंगे जिसकी वजह से सभी जानवर हमसे डरेंगे और इससे आपको भी फायदा होगा

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लेकिन भालू की कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि “लोमड़ी” ऐसा क्यों करना चाहती है लेकिन भालू ने बिना सोचे ही लोमड़ी के साथ जाने की इच्छा पर अपनी हां कर दी थी उसके बाद सभी जंगल के जानवर “लोमड़ी” के साथ “भालू” को देखते हैं तो डर जाते हैं वह सोचते हैं कि लोमड़ी की दोस्ती “भालू” से हो गई है तो इसका मतलब यह है कि लोमड़ी हम पर भारी हो सकती है इसलिए “लोमड़ी” से सभी जानवर डरने लगे थे और लोमड़ी के लिए भोजन लाकर देने लगे तो यह बात भालू नहीं जानता था

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उसी भोजन में से “भालू” के लिए “लोमड़ी” लेकर जाती थी जिससे कि भालू को इस बात पर शक ना हो जाए उसकी वजह से उसे बहुत सारा भोजन बिना शिकार किए मिल रहा है लेकिन यह सब कुछ बंदर देख लेता है वह बंदर समझ जाता है कि “भालू” का इस्तेमाल किया जाता है वह भालू की गुफा के पास जाता हूं सब कुछ बता देता है भालू को यकीन नहीं हो रहा था कि “लोमड़ी” ऐसा कर सकते हैं लेकिन भालू समझ गया था कि लोमड़ी बहुत तेज है इसी वजह से शायद वह ऐसा कर सकती है भालू लोमड़ी के पास जाता है और उस पर हमला करता है

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“लोमड़ी” कहती है कि मैंने ऐसा क्या किया है भालू कहता है की जैसा करता है उसे वैसा ही फल मिलता है “लोमड़ी” को जंगल से जाने को कहता है “लोमड़ी” समझ जाती है कि अगर वह ऐसा ना करती तो आज उसके सामने यह समस्या नहीं आती है और इसी वजह से लोमड़ी फिर से शिकार के लिए चलती है क्योंकि अब “भालू” का सहारा नहीं ले सकते जीवन में कभी भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे कि सामने वाले को तकलीफ हो इसलिए आप जैसा करेंगे आपको वैसा ही मिलेगा, Hindi kahania अगर आपको पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे 

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