दोस्ती की पहचान, child story in hindi

child story in hindi

बच्चो की कहानी, child story in hindi, हमे दोस्त की पहचान बहुत सोचकर करनी चाहिए क्योकि अगर हम ऐसा नहीं कर पाते है, तो हमारे सामने समस्या आकर खड़ी हो सकती है यह दोनों कहानी आपको जरूर पसंद आएगी

बच्चो की कहानी : child story in hindi

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पहली कहानी, दोस्ती की पहचान

child story in hindi, kids kahani, hindi story for kids, एक चिड़िया थी एक भैंस थी उन दोनों में गहरी दोस्ती थी वह जो भी काम करती थी एक साथ करती थी घूमने जाते थे एक साथ जाती थी जंगल में एक साथ जाते थे एक दूसरे के बिना और एक दूसरे की सलाह के बिना कोई भी काम नहीं करती थी

 

एक दिन वह जंगल में घूमने निकले घूमते-घूमते अचानक चिड़िया की पोट्टी आ गई चिड़िया ने कहा भैंस भैंस मेरी पोट्टी आ रही है भैंस ने का ठीक है तू मेरी पीठ पर कर ले चिड़िया ने उसकी पीठ पर कर ली भैंस नीचे जमीन पर अपनी पीठ रगड़ी और साफ करके जल्दी दोनों घर वापस आ गई अगले दिन सुबह फिर उसी तरह दोनों जंगल में घूमने निकले जंगल में घूमते घूमते भैंस बोली चिड़िया आज मेरी पोट्टी आ रही है चिड़िया ने इधर उधर देखा बहुत सोचा विचार किया और फिर बोली मैं क्या करूं भैंस बोली कल जब तुम्हारी आई थी तो तुमने मेरी पीठ पर करी थी मेरी आ रही है तो मैं तुम्हारे पीठ पर करूंगी चिड़िया ने बहुत सोचा और बोली थी मैं तुमसे बहुत छोटी हूं लेकिन फिर भी तुम जैसा चाहो कर लो भैंस ने चिड़िया की पीठ पर अपने पॉटी कर ली भैंस का गोबर बहुत सारा होता है उसमें चिड़िया दब गई

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भैंस ने चिड़िया को नहीं निकाला और वापस अपने जंगल में चली गई चिड़िया चिल्लाती रही लेकिन चूड़ियां कि उसमें एक भी ना सुनी उधर से एक कौवा उड़ता जा रहा था कौवा ने चिड़िया को देखा और फिर चिड़िया ने कहा की मुझे यह से बहार निकालो, और बोला ठीक है मैं तुम्हें यहां से निकालता हूं पर मैं तुम्हें निकालने के बाद तुम्हें खा जाऊंगा चिड़िया बोले पहले यहां से तो निकलूंगा की बाद में सोचेंगे कौवा ने चिड़िया को निकाल लिया फिर बोला अब मैं तुम्हें खा जाऊंगा चिड़िया मेरे पास मैं तो सारी गंदी हो रही हूं पहले मुझे धो लो फिर खा लेना कौवा ने उसको धो लिया फिर बोला अब मैं तुम्हें खा जाऊंगा चिड़िया बोली मैं तो सारी गीली हुई हु पहले सूखा तो लो मुझे , सूखने के बाद जब चिड़िया धीरे-धीरे सूखने लगी तो चिड़िया उड़ गई को वह देखता रह.

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इस कहानी से हमें हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें दोस्तों पर कितना भरोसा करना चाहिए और हमारी मुसीबत में कौन सा दोस्त है जो हमारे काम आता है और कौन है जो हमें मुझे मुसीबत में अकेला छोड़ कर चला जाता है

 

दूसरी कहानी, दोस्ती की पहचान

एक जंगल में एक जामुन का पेड़ था उसी पेड़ के किनारे एक तालाब में एक मगरमच्छ रहता था और जामुन के पेड़ पर एक बंदर और मगरमच्छ में गहरी दोस्ती थी दोनों एक दूसरे से घंटो बातें किया करते और एक दूसरे से मिलने रोज जाया करते थे

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बंदर पेड़ के मीठे मीठे जामुन तोड़कर मगरमच्छ को देता था और मगरमच्छ उन्हें खाता था जो बच जाते थे वह उन्हें अपने घर ले जाया करता था मगरमच्छ जो जामुन लता था उसको उसकी पत्नी खाकर बोलती थी कितने मीठे जामुन हे कहां से लाते हो मगरमच्छ कहता थामेरा दोस्त बाहर जंगल में एक पेड़ पर रहता है वही मुझे रोज तोड़ तोड़ कर देता है उसकी पत्नी को लालच आ गया वह बोली अगर वह बंदा सारा दिन पेड़ पर रहता है और यह अपने मीठे मीठे जामुन खाता है तो उस बंदर का दिल कितना मीठा होगा तो मुझे उस बंदर को लाकर दो मैं उसको खा जाऊंगी

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मगरमच्छ बोला नहीं वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त है मैं उसके साथ ऐसा नहीं करुंगा लेकिन मगरमच्छ की पत्नी ने हट कर ली और अपनी पत्नी के आगे उसे भी झुकना पड़ा मगरमच्छ अगले दिन सुबह जब वह बंदर से मिलने तालाब के किनारे गया तो बंदर से बोला कि मेरी पत्नी तुम्हें बुला रही है उसने तुम्हारे लिए दावत रखी है तो मेरे साथ चलो बंदर बोला मैं पानी के अंदर नहीं जा सकता क्योंकि मुझे तैरना नहीं आता मैं डूब जाऊंगा मगरमच्छ बोला तुम इसकी चिंता मत करो मैं तुम्हें अपने पेट पर बिठा कर ले जाता हूं बंदा तैयार हो गया उसने कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलता हूं मगरमच्छ ने उसे अपने पेट पर बैठाया और तालाब के नीचे जाने लगा मगरमच्छ थोड़ी दूर है गया था मगरमच्छ ने कहा मैं तुम्हें अपने घर किसी दावत खिलाने नहीं ले जा रहा हूं बल्कि मेरी पत्नी तुम्हारा दिल खाना चाहती है वह कहती है कि तुम मीठे मीठे जामुन खाते हो तो तुम्हारा दिल भी कितना मीठा होगा

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 वह तुम्हें मार कर खा जाना चाहती है बंदर बोला अरे यार तुम मुझसे पहले बताते मैं तो अपना दिल पेड़ पर ही छोड़ आया मगरमच्छ बोला चलो फिर दोबारा जा कर ले आते हैं बंदर वापस चला गया उठकर अपने पेड़ पर बैठ गया और बोला मित्र मैं इतना बेवकूफ नहीं हूं अगर मेरे शरीर से दिल ही गायब हो जाएगा तो मैं ठीक कैसे रहूंगा, मैं तुम्हारे प्यार समझ गया तुम मेरे मित्र नहीं बल्कि धोखेबाज हो तुमने दोस्ती जैसी पवित्र चीज को भी कलंकित किया है आज से तुम्हारा मेरा कोई रिश्ता नहीं है मगरमच्छ को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह से माफी मांगने लगा तथा वापस घर चला गया. child story in hindi, kids kahani, hindi story for kids, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो शेयर कर सकते है.

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