दादी की बछिया, child story in hindi

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दादी की बछिया, बच्चो की कहानी 

child story in hindi, kids kahani, hindi story for kids, एक गांव में एक बूढ़ी दादी रहती थी उनके पास एक बछिया थी जिसका नाम था वीना दादी उसे बड़े प्यार से रखती थी अपने हाथ से खिलाती नहलाती और उसकी सेवा करती थी क्योंकि दादी का भी कोई नहीं था वह अकेली रहती थी और बूढ़ी भी हो गई थी कुछ दिनों बाद वीना बड़ी हो गई और एक सुंदर गाय बन गई

 

इतनी सुंदर लगने लगी कि आते जाते गांव का जो भी आदमी देखता वह वीना की तारीफ किए बिना नहीं रूकता था और कहता था देखो कितनी सुंदर गाय है उसी गांव का जमींदार था जिसके पास तक यह बात पहुंच गई थी कि गांव में एक बुढ़िया के पास बहुत सुंदर गाय हैं तो जमीदार का लड़का दादी के पास आया और बोला यह तुम्हारे यहां नहीं बल्कि हमारे यहां शोभा देगी

इसे तुम हमें दे दो इसके बदले मैं तुम्हें बहुत सारा पैसा दूंगा पर दादी ने साफ साफ मना कर दिया  बोली इसके अलावा मेरा इस दुनिया में और कोई नहीं यह मेरा और मैं इस का सहारा हूं अगर पैसे से ही हर चीज खरीदी जा सकती तो इस दुनिया में सब कुछ बिकाऊ होता प्यार की कोई कीमत नहीं होती जमीदार का लड़का अपना सा मुंह लेकर वहां से चला गया

 

दो घमंडी बकरियां

बबली एक बहुत ही सुंदर बकरी थी और नदी के किनारे रहती थी नदी के किनारे हरी घास चरती थी एक दिन उसने सोचा क्यों ना मैं नदी के उस पार जाकर घर चलो उधर की घास चरती अच्छी लगती है क्योंकि एक कहावत है कि हमेशा दो दूसरे के बाड़े की घास अच्छी लगती है और अपने की खराब नदी के उस पार जाने के लिए एक पुल बना था पुल इतना छोटा था कि एक बार में एक आदमी ही इधर से उधर जा सकता है

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 इधर से बबली चली और नदी के उस पार से दूसरी बकरी पुल पर चढ़ गई बबली ने कहा पहले मुझे जाने दो पर दूसरी बकरी ने कहा नहीं पहले मैं जाऊंगी दोनों आपस में बहस करने लगी बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों में हाथापाई होने लगी और दोनों लड़ते-लड़ते नदी में गिर गई और मर गई

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child story in hindi, kids kahani, hindi story for kids, दोनों ने बिना सोचे समझे इस समस्या को नहीं हल किया बल्कि एक दूसरे के ऊपर अपना घमंड दिखाने लगे घमंड तो किसी का भी नहीं रुकता है घमंडी व्यक्ति को सोचने समझने की शक्ति भी नहीं होती बबली भी घमंडी थी और दूसरी बकरी बीच दोनों में से किसी ने भी नदी के इस पार की घास नहीं खाई क्योंकि दोनों मर गए.

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