एक लड़की की कहानी, short motivational stories

short motivational stories

एक लड़की  की कहानी:-

short motivational stories, इस लड़की का नाम था रानी पढ़ने का उसे बहुत शौक था, माँ कहती थी की पढ़ने के अलावा भी दूसरे काम सिखने चाहिए पढ़ने से तो काम नहीं चलेगा, 




लड़की कहती है माँ मई सीख लूंगी और काम भी माँ,

माँ मुस्कारते हुए काम मई लग जाती है, 

सोचती हुई की बहुत सी लड़की तो पढ़ती भी नहीं है 




धीरे धीरे समय बीतता गया और रानी पढ़ती गयी और घर के काम-काज को भी साथ साथ सीखती गयी 
माँ कहती थी की ये तो बहुत होशियार है जिस घर मैं जायगी उसे स्वर्ग बना देगी ,

उसकी एक बहन की शादी हो चुकी थी बस अब रानी की होनी थी , सभी विषयो में प्रथम आती थी रानी सोचती थी की पढ़ कर नोकरी करु और उसमे भी प्रथम स्तान प्राप्त करु. 

कुछ समय बाद रानी की भी शादी हो गयी और वह भी ग्रस्त जीवन मैं प्रवेश कर लिया , रानी का पति एक गवर्नमेंट कर्मचारी था, कुछ समय बाद उसकी पोस्टिंग दूसरे सहर मैं हो गयी , और वो शहर भी छोड़ दिया , रानी ने अपने पति से कहा की मैं भी नोकरी कर लू , पर पति ने इस बारे मैं मन कर दिया और कहा की तुम सिर्फ घर चलाओ , इस बारे मैं मत सोचो, 

रानी ने भी इस बारे मैं सोचना बंद कर दिया और धीरे धीरे समय और बीत गया और रानी दो बच्चे की माँ बन गए, उनकी पढाई और देखबाल मैं ही समय निकल जाता है, 

बीच मैं एक अवसर आया भी की रानी को अध्यपिका के लिए नोकरी आयी और इस बात को रानी ने अपने पति को बतया की मैं नोकरी कर लू, 

इस पर पति ने कहा की में नोकरी के लिए इजाजत नहीं देता, इस पर रानी ने कहा की मरी योग्यता भी किस काम आएगी , पति ने कहा की ये योगिता बच्चे के पालन पोषण मैं काम आएगी नोकरी के लिए नहीं 

समय बीतता गया अब बच्चे भी बड़े हो गए  और नोकरी करने मैं समर्थ थे , अब रानी की उम्र भी बढ़ चुकी थी अब वो नया काम करे इसका भी सामर्थ्य नहीं था, 

रानी का पति अब अपने काम मैं इतना बिजी हो गया था की अब वह अपनी पति को भी समय नहीं दे पाता था, अब रानी के पास बस किताब ही उसकी मित्र थी, और वह अपना समय अपनी किताबो मैं ही बिताती थी, अब रानी का ज्ञान बहुत बढ़ चूका था अब वह किसी भी विषय पर पूरी तरह चर्चा कर सकती थी, 

धीरे धीरे रानी महिला  मंडली मैं जाने लगी , और समय बीत गया , रानी को एहसास हुआ की मेरी पढाई बेकार नहीं गयी , मने अपने बचे को पढ़ाया और उसे काबिल इन्सान बनाया, उसे प्यार  से खाना खिलाया, और आज वह काबिल इन्सान बन चुका है, 

short motivational stories, पढाई कभी बेकार नहीं जाती , बस उसे सही जगह इस्तमाल करने की जरुरत होती है, अपनी बेटी को जरूर पढाये और काबिल बनाये.   

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4 Comments

  1. Pramod Kharkwal February 2, 2017
    • duniahub February 3, 2017
  2. Results Point March 3, 2017
    • duniahub March 4, 2017

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