हिंदी कहानी एक सच, old story in hindi

old story in hindi 

हिंदी कहानी एक सच 

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old story in hindi, ये कहानी पुराने समय की है मंदिर के पुजारी को रामू बहुत ही पसंद था, रामू हर रोज मंदिर की सफाई करता था और मंदिर में राधा कृष्णा की मूर्ति को हर रोज निहलाकर कपडे पहनाता था, रामू को भगवान पर बहुत ही विस्वास था, रामू को जब वह पाँच साल का था तभी से रामू अकेला ही था गाव वालो ने उसका पालन पोषण किया था, रामू अपना पेट मंदिर के प्रसाद से भरता था, मंदिर के पुजारी को रामू पर बहुत विस्वास था, सोने की जगह मंदिर की सीढिया ही थी, रामू हर रात मंदिर में ही सोया करता था और वही पर ही रहता था.     




उसी गाव में एक प्रधान थे जो मंदिर में रोज पूजा करने जाते है, और वही मंदिर की सारी जरूरत को देखना भी प्रधान जी का काम था, प्रधान जी मंदिर में सभी समान आदि का पूरा प्रभंद करते थे और मंदिर में आयोजन का भी प्रभंद करते थे, राधा कृष्ण की मुर्तिया पर सोने का हार भी प्रधान जी ने चढ़या था और प्रधान जी को गाव के लोग भी बहुत मानत थे,




एक रात को जब रामू सोया हुआ था तो बहुत ही तेज आंधी चल रही थी, आधी की हवा इतनी तेज थी की कुछ भी दिखई नहीं दे रहा था रात का समय था उसी समय सोने से बना हुआ हार जो की राधा क्रष्ण पर चढ़ा हुआ था टूट कर वही पीछे की और गिर गया और जहाँ पर कुछ जगह बनी थी वह पर चिप गया और वह पर कोई भी देख नहीं सकता था,

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सुबह हुई और फिर रामू ने पानी से पूरा मंदिर को धोया और साफ़ किया सभी लोग धीर धीरे मंदिर में पूजा करने के लिए आये और फिर प्रधान जी भी आये तो उनकी नज़र मूर्तियों पर पड़ी और सोने का हार वह पर नहीं था इस देख कर मंदिर के पुजारी को बुलाया गया और पूछा की हार कहा पर, इस पर पुजारी ने कहा की उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है, और कहा की रामू ही पूरी रात यह पर रहता है शायद उसे पता होगा,

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फिर रामू को बुलाया गया और पूछा गया की हार कहा पर है इस पर रामू ने कहा की इस बारे में मुझे नहीं पता, पुजारी ने कहा की हार शायद चोरी हो गया है, रामू से चोर के बारे में पूछा गया तो रामानु ने कहा की यह तो कोई भी नहीं आया, पूरी रात रामू यही पर था कोई चोर आता तो रामू को जरूर पता होता,

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जब किसी भी नतजे पर कोई नहीं पंहुचा तो सभी का शक रामू पर ही गया और प्रधान ने कहा की अगर तुम हार नहीं देते हो तो तुम्हे पचास कोदो की सज़ा दी जाएगी, पर रामू ने कहा की उसे हार के बारे में कुछ नहीं पता है पुजारी ने भी कहा की रामू सच बोल रहा है शायद उसे हार के बारे में कुछ पता नहीं है.

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पर प्रधान जी को विस्वास नहीं था इस लिए रामू को पचास कोड़े लागए गए और उसे गाव से निकल दिया गया फिर रामू वह से चला गया और रस्ते में यही सोच रहा था की जिस भगवान की पूजा उसने दिन रात की उसकी की वजह से आज उसे चोर सब चोर समझ रहे है,

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जब रामू जा रहा था तो उसे एक गाव से गुज़ारना था क्योकि रस्ते में वही गाव पड़ता था, उसी गाव में वह पर कीर्तन चल रहा था और एक बाबा जी उसी में पूजा कर रहे थे रामू कीर्तन की बीच में जा कर बोला की बंद करो ये ढोंग भगवान कही भी नहीं है, इस बात पर सभी लोगो  को गुस्सा आया और सभी लोग उसे पीटने लगे यह सब देख कर साधू बाबा ने कहा की रुक जाओ ऐसे मत पीटो, पर बाबा जी ये नास्तिक है और भगवान को नहीं मानता है,

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जब रामू से बाबा जी ने पूछा की तुम ये सब क्यों कह रहे हो, इस पर सारी बात रामू ने बता दी और बाबा जी ने कहा की भगवान सभी की परीक्षा लेते है और वो अपने भक्तो को हमेशा खुश देखना चाहते है, इस पर भी कोई राज होगा जो तुम्हारे साथ इस कुछ हुआ है, तुम भगवान से नाराज मत होना वो तुम्हरे साथ हमेशा से है,

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 रामू को बाबा की बात समझ में आ गयी और बाबा जी के साथ रामू ने नगर नगर घूम कर भगवान की लीला का वर्णन किया और बाबा जी के साथ मिलकर ज्ञान का भंडार दिया और एक रात रामू के सपनो में भगवान ने दर्शन दिए और कहा की तुम मेरे अच्छे भक्त हो, और तुम्हारी सब परेशानी अब समाप्त हो जायेगी,

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धीरे धीरे रामू एक बड़ा आदमी बन गया और रामानु ने उस गाव में स्कूल बनाबए और रोजगार का भी इंतज़ाम करवाया और एक दिन रामू अपने गाव में गया और उसी मंदिर में जाकर रामू ने पूजा की, पुजारी ने जब रामू को देखा तो उनकी आँखों में आंसू आ गए और पुजारी ने बताया की वो हार कुछ दिन बाद मिल गया और प्रधान जी को अपनी गलती का एहसास हुआ,

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old story in hindi, इस पर रामू ने कहा की ये सब तो भगवान की लीला है हम लोग इसमें कुछ नहीं कर सकते है, सब उनकी मर्जी से होता है, कुछ देर बाद प्रधान जी भी वह पर आ गए और रामू के पैरो को छू  कर माफ़ी मांगी और कहा की उन से गलती हो गयी है, फिर रामू ने कहा की इनमे उनकी क्या गलती और माफ़ कर दिया. फिर प्रधान जी ने अपनी लड़की  की शादी रामू से कर दी और फिर रामू की घ्रस्ति की शुरुवात हुई और रामू सभी जगह जगह जाकर भजन कीर्तन करता था और भगवान की लीला में  डूबा  रहता था

 

दोस्तों भगवान पर हमेशा विस्वास रखो वो हमेशा आपके साथ है…………… 

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