गुस्सा क्यों, moral values stories in hindi

moral values stories in hindi

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गुस्सा क्यों हिंदी कहानी 

moral values stories in hindi, एक साधु महाराज जी अपने यहां पर बच्चों को शिक्षा दे रहे थे वह अपने बच्चों को यह शिक्षा दे रहे थे कि हमें अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और मुश्किलों का सामना करने के बावजूद भी हमें आगे ही बढ़ते रहना तभी हम अपनी मंजिल को पा सकेंगे.




तभी उस आश्रम के पास एक महिला और एक पुरुष लड़ते हुए आए और वह किसी बात पर झगड़ा कर रहे थे और बहुत तेज तेज बोल रहे थे साधु महाराज जी ने अपने शिष्यों से कहा कि यह दोनों महिला और पुरुष दोनों ही साथ में है और फिर भी बहुत तेज तेज बोल रहे हैं




इसका क्या कारण हो सकता है क्या तुम में से कोई भी शिष्य मुझे जवाब देगा एक शिष्य ने कहा कि साधु महाराज जी यह इसलिए झगड़ा कर रहे हैं और बहुत तेज तेज बोल रहे हैं क्योंकि यह है अपना गुस्सा बाहर निकालना चाहते हैं

इसी तरह बहुत से शिष्यों ने साधु महाराज जी से अनेक प्रकार के जवाब दिए पर साधु महाराज जी किसी भी बात से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हम गुस्सा बाहर निकालना चाहते हैं अगर हम एक दूसरे के सामने होते हुए भी बहुत तेज बात करते हैं

 

तो इससे हमारे दोनों के बीच की दूरियां बढ़ती है क्योंकि जैसी हम तेज बोलते जाते हैं दूसरा इंसान पीछे हटता चला जाता है और इससे हमारे आपसी संबंधों में भी दूरियां बनी रहती है जिसके कारण बहुत से मनमुटाव हो जाते हैं और जीवन शैलियों को चलाना भी कठिनाइयों के साथ और बढ़ता जाता है

 

अगर हम किसी से नाराज है और वह व्यक्ति सामने है तो हम आराम से बात कर सकते हैं क्योंकी आराम से बात करने से बीच की दूरियां नहीं बढ़ेंगे अगर हम बहुत तेज बोलेंगे तो इससे हमें मानसिक परेशानियां भी होंगी और हमारे बीच के संबंध में खराब हो जाते हैं

 

moral values stories in hindi, इसलिए अगर नाराजगी भी हो तो आराम से ही बोलना चाहिए आराम से बोलने से शायद समस्या का भी समाधान हो जाए इस बात का उत्तर सुन शिष्यों के मन में विचार आने लगा और वह समझ गए कि हमें अपने जीवन में कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए.

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