परीक्षा का परिणाम, moral stories in hindi

moral stories in hindi

परीक्षा का परिणाम हिंदी कहानी

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moral stories in hindi

moral stories in hindi, ये कहानी 2008 की है दो दोस्त जिनका परीक्षा परिणाम आज निकलने वाला था दोनों दोस्त कॉलेज गए हुए थे और अपने रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे थे तभी दोनों का रिजल्ट आ गया और जब नरेश की नज़र अपने परीक्षा परिणाम पर गयी तो देखा की उसके बहुत ही कम नंबर आये थे





शायद उसने मन लगाकर मेहनत नहीं की थी इसलिए बहुत ही कम नंबर से वो पास हो पाया था और उधर जतिन के नंबर बहुत ही अच्छे थे आज वो पहली श्रेणी में पास हुआ था जतिन पढ़ने में बहुत होशियार था और साथ ही मेहनत भी करता था जब जतिन नरेश के पास गया और देखा की उसके कम नंबर आये थे तो उसने कहा की तुम्हे मेहनत करनी चाहिए तभी जीवन में कुछ हासिल कर पाओगे




नरेश ने कहा अब तुम तो यही कहोगे की मेने मेहनत नहीं की जतिन ने कहा ऐसा नहीं है यार तुम देख लो की तुम्हारे कितने नंबर है अगर तुम और अच्छा करते तो इससे भी अच्छे नंबर ला सकते थे चलो छोड़ो इस बात को अब घर नहीं चलना क्या

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नरेश ने कहा की अब घर जाते ही वो सब बाते फिर होंगी की कम नंबर है कुछ नहीं हो सकता क्या करोगे जीवन में में, यही सब बस इसी सोच से जाने का मन नहीं कर रहा जतिन ने कहा की ये कोई बात नहीं है घर चलते है और कुछ सोचते है की अब हमे क्या करना है

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नरेश ने कहा की तुम्हे क्या सोचना तुम्हे तो नौकरी मिल ही जायेगी और तुम तो बहुत होशियार भी हो भला में क्या करू में तो कुछ कर ही नहीं सकता हु क्योकि न तो में पढ़ने में होशियार न ही मिलेगी मुझे कोई नौकरी, अब पता नहीं क्या होगा यही बाते करते हुए दोनों अपने घर आ गए    

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घर पर जैसी दोनों पहुंचे तो जतिन के घर में सब खुश थे क्योकि उनका लड़का आज पहली श्रेणी में पास हुआ है और जतिन के कुछ देर बाद ही जतिन के पिता ने नरेश के यहां पर फोन कर दिया और कहा की कल हम पार्टी दे रहे है आप सभी लोग कल शाम को पहुंच जाना है ये पार्टी जतिन के पास होने की ख़ुशी में है

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उधर फ़ोन को रखते हुए नरेश के पिता ने कहा की क्या तीर मारा है इसका दोस्त पहली श्रेणी में और इसका पता नहीं क्योकि श्रेणी है भी या नहीं या बस यही पास हो गए कितना कहा था की रात को पढ़ो पर रात छोड़ो दिन में भी पढ़ना नहीं तुम पता नहीं क्या करोगे उधर तुम्हरी बहन तुमसे छोटी पढ़ने में तुमसे अच्छी और तुम, तुम्हे कुछ करना नहीं है

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अगर तुम आज अच्छी श्रेणी में पास होते तो तुम्हारे लिए एक नौकरी सोची थी अब वो भी जाती रही उधर तुम्हरा दोस्त अब नौकरी करेगा और तुम पता नहीं क्या नरेश साड़ी बाते सुनकर अपने कमरे में चला जाता है और कुछ सोचता है कुछ दिन बाद जतिन एक बहुत ही अच्छी नौकरी पर लग जाता है

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नरेश को भी काम मिल ही जाता है उसे एक फ़ैक्टरी में नौकरी मिल जाती है अब उनके दिन धीरे-धीरे दिन बदल जाते है नरेश जिस फ़ैक्टरी में काम करता है उसको आगे चलकर खरीद लेता है एक  कम पढ़ने वाला इतनी तरक्की जब ही कर सकता है जब वो मेहनत करे

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moral stories in hindi, अगर आप भी मेहनत करते है तो इसका फल आपको जल्द ही मिलेगा ये कभी नहीं सोचना चाहिए बल्कि अपनी पूरी मेहनत करनी चाहिए तभी आप कामयाब हो सकते है अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आगे भी शेयर करे और हमे भी बताये  

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